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आचार्य पुलक सागर जी का चातुर्मास का निष्ठापन संपन्न

धरणेन्द्र जैन
खैरवाड़ा । समीपस्थ ऋषभदेव नगर में गुरुकुल  मंदिर पर आयोजित समारोह में चातुर्मास कलश प्रदान किए। गुरुकुल मंदिर में चातुर्मास साधना कर रहे आचार्य पुलक सागर जी महाराज ने अपनी गहन साधना द्वारा अभिमंत्रित चातुर्मास कलश पुण्यार्जक परिवारों को मंदिर व्यवस्था कमेटी के सदस्यों व हजारों भक्तों के मध्य प्रदान किये।
समाज के धर्म मंत्री मुकेश गांधी ने बताया कि आचार्य जी ने रविवार को मधु सुमेश वाणावत परिवार को मुख्य कलश, अंतर्राष्ट्रीय कवि बलवंत बल्लू परिवार को गुरुपूजा कलश, सरोज पुष्पदंत परिवार को,रेखा सलिल बरोडिया परिवार को, पद्मावती राजमल कोठारी को रजत कलश आचार्य पुलक सागर जी ने अपने कर कमलों से चातुर्मास कलश प्रदान कर आशीर्वाद दिया। इस अवसर पर गुरुकुल ट्रस्ट के महामंत्री जन जन में प्रिय ट्रस्टी सुंदर लाल भानावत ,समाज के अध्यक्ष महान शिक्षाविद भूपेंद्र वालावत सहित अनेक समाजजन उपस्थित थे ।
आचार्य श्री ने कलश के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा चातुर्मास कलश हमारे मन में आध्यात्मिक चेतना को जागृत करने और आत्मशुद्धि का मार्ग प्रशस्त करने का प्रतीक है। यह कलश समर्पण, संयम और साधना का प्रतीक है, जो साधक को आंतरिक शांति और परमात्मा के निकटता की अनुभूति कराता है। यह हमारे धर्म की शक्ति है, जो हमें नकारात्मकता से मुक्त कर सकारात्मक ऊर्जा का संचार करती है।

उसके पश्चात  कलशो की बोली लेने वाले सभी परिवारों को बग्गी में बैठा कर नगर के मुख्य मार्गो से शोभायात्रा निकाली गई और पुण्यर्जक परिवारों के समाज जन ने घरों पर जाकर कलश स्थापित करवाए, जहा परिवारों द्वारा प्रभावना वितरित की गई । इससे पूर्व रविवार को विवेकानंद केंद्र विद्यालय की शिक्षिकाओं द्वारा सवेरे गुरुपूजन किया गया एवम सांयकालीन आरती का लाभ भी विद्यालय की शिक्षिकाओं द्वारा किया गया जिसमे शारिका गंगावत,शोभा भुपावत, निशा शाह, रीगल जैन,प्रतिभा गांधी, वर्षा जैन,आदि शीक्षिकाए उपस्थित थी।

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