


मिशन – पढ़ो राजस्थान, रीडिंग प्रमोशन कैंपेन 2026–27 के तहत नेगड़िया विद्यालय में 200 से अधिक विद्यार्थियों ने बनाई ‘READ BOOK’ की विशाल मानव आकृति
राजसमंद, 12 अगस्त 2026।मिशन – पढ़ो राजस्थान, रीडिंग प्रमोशन कैंपेन 2026–27 के तहत राष्ट्रीय पुस्तकालयाध्यक्ष दिवस एवं भारतीय पुस्तकालय विज्ञान के जनक पद्मश्री डॉ. एस. आर. रंगनाथन की जयंती के अवसर पर राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, नेगड़िया में विद्यार्थियों में पठन संस्कृति विकसित करने के उद्देश्य से विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण विद्यालय के 200 से अधिक विद्यार्थियों द्वारा हाथों में पुस्तक लेकर ‘READ BOOK’ की विशाल मानव आकृति का निर्माण रहा। इस मानव आकृति का लेआउट तैयार करने में भूपेंद्र सिंह सोलंकी एवं पुस्तकालयाध्यक्ष डॉ. नवीन छापरवाल ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। दोनों ने विद्यार्थियों की संख्या एवं उपलब्ध स्थान को ध्यान में रखते हुए ‘READ BOOK’ मानव आकृति का प्रारूप तैयार किया, जिसके अनुसार विद्यार्थियों ने अपनी निर्धारित स्थिति में खड़े होकर इस आकर्षक आकृति को साकार किया।
विद्यार्थियों ने हाथों में पुस्तकें लेकर उत्साह एवं अनुशासन के साथ इस गतिविधि में भाग लिया और पुस्तकों के प्रति प्रेम, नियमित पठन तथा ज्ञान अर्जित करने का संदेश दिया। इस अनूठी गतिविधि का ड्रोन फोटोग्राफी एवं वीडियोग्राफी के माध्यम से दस्तावेजीकरण भी किया गया।
*विद्यार्थियों ने लिया पठन संकल्प*
कार्यक्रम के दौरान Reading Pledge का वाचन दलपत सिंह भाटी ने करवाया। सभी विद्यार्थियों ने सामूहिक रूप से पठन संकल्प दोहराते हुए प्रतिदिन पढ़ने, पुस्तकों का सम्मान करने, विद्यालय पुस्तकालय का नियमित उपयोग करने तथा अपने मित्रों एवं परिवार को भी पढ़ने के लिए प्रेरित करने का संकल्प लिया।
इसके पश्चात विद्यार्थियों ने 15 मिनट का सामूहिक मौन पठन (Silent Reading Session) किया। विद्यार्थियों ने अपनी पसंद की पुस्तकों का अध्ययन करते हुए नियमित पठन की आदत विकसित करने का संदेश दिया। साथ ही पुस्तक प्रदर्शनी एवं पुस्तकालय जागरूकता गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों को अधिक से अधिक पुस्तकें पढ़ने एवं पुस्तकालय का नियमित उपयोग करने के लिए प्रेरित किया गया।
प्राचार्य ने की कार्यक्रम की सराहना
विद्यालय के प्राचार्य डॉ. घनश्याम सिंह राठौड़ ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि पढ़ने की आदत विद्यार्थियों के ज्ञान, व्यक्तित्व एवं चरित्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने कहा कि पुस्तकों से जुड़ाव विद्यार्थियों में कल्पनाशक्ति, चिंतन एवं सीखने की क्षमता को विकसित करता है। उन्होंने इस अभिनव पहल के लिए विद्यार्थियों, पुस्तकालयाध्यक्ष एवं समस्त स्टाफ को बधाई दी।
पठन संस्कृति विकसित करना है मुख्य उद्देश्य
कार्यक्रम के संयोजक एवं विद्यालय के पुस्तकालयाध्यक्ष डॉ. नवीन छापरवाल ने बताया कि मिशन – पढ़ो राजस्थान के माध्यम से विद्यालय में विद्यार्थियों को नियमित रूप से पुस्तक पढ़ने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। ‘READ BOOK’ की मानव आकृति के माध्यम से विद्यार्थियों ने सामूहिक रूप से यह संदेश दिया कि पुस्तकें ज्ञान, विचार और व्यक्तित्व निर्माण का महत्वपूर्ण माध्यम हैं।
डॉ. नवीन छापरवाल बनने कहा—
“हमारा उद्देश्य केवल एक गतिविधि आयोजित करना नहीं, बल्कि प्रत्येक विद्यार्थी में आजीवन पढ़ने की आदत विकसित करना है। यदि विद्यार्थी प्रतिदिन कुछ समय पुस्तक पढ़ने के लिए निकालता है, तो यह उसके ज्ञान और व्यक्तित्व विकास में महत्वपूर्ण योगदान देता है।”
विद्यालय परिवार ने दिया सहयोग
कार्यक्रम में विद्यालय के प्राचार्य डॉ. घनश्याम सिंह राठौड़, भूपेंद्र सिंह सोलंकी, जीवन सिंह चुंडावत, अनीता, गोपी लाल, नरपत सिंह चौहान, सोहन लाल गायरी, कांता शर्मा, मीना टेलर रेखा पालीवाल, रेखा सोनी, नीलम शर्मा, कृति पालीवाल एवं प्रीति बाला सहित विद्यालय के समस्त स्टाफ सदस्य एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।
विद्यालय के शिक्षकगण एवं स्टाफ सदस्यों ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया तथा आयोजन को सफल बनाने में सक्रिय सहयोग प्रदान किया।
कार्यक्रम के समापन पर विद्यार्थियों ने सामूहिक रूप से पठन संस्कृति को बढ़ावा देने का संदेश दिया—
“हर दिन पढ़ेंगे – हर दिन बढ़ेंगे।”
“पढ़ेगा राजस्थान – बढ़ेगा राजस्थान।”
“पढ़ेगा भारत – बढ़ेगा भारत।”








Users Today : 41