
उदयपुर स्मार्ट सिटी हेतु अथक प्रयास
उदयपुर | दिनांक 25 जून 2026 | झीलो की नगरी से पहचाना जाने वाला शहर बदलते समय के साथ आज स्मार्ट सिटी का स्वरुप ले रहा है |शहर को सूंदर एवं स्वच्छ बनाए हेतु सरकार एवं विभिन्न संगठनो द्वारा पर्यटक नगरी के विकास हेतु पुर जोर प्रयास किये जा रहे है | इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए जनमत मंच के तत्वावधान में “उदयपुर – स्मार्ट सिटी”विषय पर ऑन लाइन वार्ता का आयोजन किया गया । इस वार्ता का मुख्य उद्देश्य उदयपुर में ठेला एवं लारी व्यवसायियों के लिए निर्धारित स्थान की आवश्यकता विषय पर जनमत मंच के संस्थापक, अध्यक्ष डॉ. श्रीनिवास ने कहा की पर्यटन के विकास हेतु छोटे व्यवसाय करने वाले लोगों की महत्वपूर्ण भूमिका रहती है।
इन व्यवसायीयो द्वारा आम जन को सुविधाजनक एवं सस्ती सेवाएँ उपलब्ध कराते हैं | लेकिन वर्तमान में अधिकांश ठेला एवं लारी व्यवसायी अपनी सुविधा के अनुसार सड़कों, चौराहों, बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर व्यवसाय संचालित करते हैं, जिससे शहर में ट्रैफिक व्यवस्था एवं जगह जगह प्रदुषण होता है एवं अतिक्रमण की स्थिति पैदा हो जाती है। कई बार सड़क का बड़ा हिस्सा घिर जाने से वाहन चालकों और पैदल यात्रियों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसके कारण दुर्घटनाओं की संभावना भी बढ़ जाती है। स्कूलों, अस्पतालों, बाजारों और प्रमुख चौराहों के आसपास यह समस्या और अधिक गंभीर रूप धारण कर लेती है।
एक ओर सरकार, नगर निगम एवं स्मार्ट सिटी परियोजना द्वारा उदयपुर को आधुनिक, स्वच्छ और सुव्यवस्थित बनाने का कार्य हो रहा हैं, वहीं दूसरी ओर हजारों ठेला, लारी एवं चाट व्यवसायियों के लिए व्यापार करने हेतु उचित और निर्धारित स्थानों का अभाव बना हुआ है। यदि उदयपुर को वास्तव में स्मार्ट और व्यवस्थित बनाना है, तो छोटे व्यवसायियों के लिए भी सुनियोजित व्यवस्था करना आवश्यक है। केवल अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई करना समस्या का स्थायी समाधान नहीं है।
जनमत मंच के सचिव शिरीष नाथ माथुर ने कहा कि उदयपुर में ठेला, लारी और फ़ास्ट फ़ूड व्यवसायियों के लिए निर्धारित स्थानों का अभाव एक गंभीर समस्या बनता जा रहा है। एक ओर सरकार और नगर निगम स्मार्ट सिटी एवं सुव्यवस्थित शहर की बात कर रही हैं, वहीं दूसरी ओर छोटे व्यवसायियों के लिए व्यापार करने हेतु पर्याप्त और नियोजित स्थान उपलब्ध नहीं हैं।
माथुर ने सुझाव दिया की शहर में सार्वजनिक पार्को के कुछ हिस्से में फ़ूड कोर्ट स्थापित कर दिया जाना चाहिए जिससे पर्यटक एक ही जगह पर स्थानीय व्यंजनो का लुत्फ ले सकें एवं व्यवसायियों को सुरक्षित स्थायी स्थान मिल सके और यातायात व्यवस्था भी प्रभावित न हो। इससे अतिक्रमण की समस्या कम होगी, दुर्घटनाओं की संभावना घटेगी तथा शहर अधिक स्वच्छ, व्यवस्थित और सुंदर दिखाई देगा तथा पार्को का भी रखरखाव सही तरीके से हो सकेगा |
मंच के सह सचिव डॉ. प्रियदर्शी ओझा, संतोष अरोड़ा एवं डॉ. कुणाल आमेटा आदि ने बताया कि
लारी एवं चाट व्यवसायी भी उदयपुर शहर की अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। उन्हें अतिक्रमणकारी मानकर केवल हटाना समस्या का समाधान नहीं है। सरकार और नगर निकायों द्वारा उनका लाइसेंस और टोकन नंबर दिए जाने चाहिए और इनके लिए व्यवस्थित वेंडिंग ज़ोन विकसित कर स्थायी स्थान उपलब्ध कराने चाहिए। इससे एक ओर छोटे व्यवसायियों को सम्मानपूर्वक रोजगार मिलेगा, वहीं दूसरी ओर शहर की यातायात व्यवस्था, स्वच्छता और सौंदर्य भी बेहतर होगा। उन्होंने कहा कि स्मार्ट सिटी की अवधारणा तभी सफल होगी जब शहर के हर वर्ग, विशेषकर छोटे व्यवसायियों के हितों का भी ध्यान रखा जाएगा।
इस समस्या के समाधान के लिए सरकार और स्थानीय प्रशासन को शहर के विभिन्न क्षेत्रों में सर्वे कर उपयुक्त स्थानों का चयन करना चाहिए तथा वहाँ नियोजित वेंडिंग ज़ोन विकसित करने चाहिए। प्रत्येक ठेला एवं लारी व्यवसायी को नियमानुसार एक निश्चित स्थान आवंटित किया जाना चाहिए, जिससे वे सम्मानपूर्वक अपना व्यवसाय संचालित कर सकें।
इस व्यवस्था से न केवल यातायात सुचारु रहेगा बल्कि उदयपुर शहर की सुंदरता भी बढ़ेगी। अतिक्रमण की समस्या कम होगी, दुर्घटनाओं की संभावना घटेगी तथा छोटे व्यवसायियों को भी स्थायी एवं सुरक्षित रोजगार का वातावरण मिलेगा। साथ ही प्रशासन के लिए निगरानी और व्यवस्था बनाए रखना भी आसान होगा।
अतः उदयपुर नगर निगम एवं संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों से आग्रह है कि ठेला, लारी एवं चाट व्यवसायियों के लिए शीघ्र ही व्यवस्थित वेंडिंग ज़ोन स्थापित किए जाएँ और उन्हें नियमानुसार स्थान आवंटित कर उदयपुर को वास्तव में स्मार्ट, सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा |
उदयपुर नगर निगम से स्ट्रीट वेंडर्स एक्ट 2014 के तहत टाउन वेंडिंग कमेटी सक्रिय कर शीघ्र वेंडिंग जोन स्थापित करे।
जनमत मंच के सुझाव
1. सर्वे और जोन निर्धारण: नगर निगम शहर का व्यापक सर्वे कर फतहसागर, पिछोला, सुखाड़िया सर्कल, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड जैसे पर्यटन/भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में ‘स्मार्ट वेंडिंग जोन’ चिन्हित करे।
2. लाइसेंस और सुविधा: प्रत्येक वेंडर को डिजिटल ID कार्ड, लाइसेंस और निश्चित स्थान आवंटित हो। जोन में पानी, बिजली, कचरा निपटान, शौचालय की सुविधा हो।
3. एकरूपता और सौंदर्य: सभी ठेलों का एक जैसा डिजाइन और कलर कोड हो जो उदयपुर की विरासत से मेल खाए। इससे शहर की सुंदरता बढ़ेगी।
बाल प्रतिभागी रियांश ओझा ने उदयपुर स्मार्ट सिटी पर कविता पाठ किया ।








Users Today : 43