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मजदुर से मंत्री तक 60 वर्षों का राजनीतिक सफर तय किया खैरवाड़ा विधायक डॉ परमार ने

जनता ने दी बधाईयां, कार्यकर्ताओं ने बाटी मिठाई

धरणेन्द्र जैन
खेरवाडा । मेवाड़, वागड के जननायक एवं विकास पुरुष विधायक एवं पूर्व उच्च शिक्षा मंत्री डाक्टर दयाराम परमार का 60 वर्ष का राजनीतिक सफर दो फरवरी 2025 को पूर्ण हुआ। 60 साल का राजनीति जीवन संघर्ष मय रहा है।
    डाक्टर परमार का जन्म एक गरीब किसान परिवार में नयागांव पंचायत समिति के महुवाल गाँव में हुआ। इनके पिता का नाम दाना परमार, माता का नाम नानी देवी परमार था। डाक्टर परमार ने कक्षा एक से कक्षा पांचवी तक शिक्षा राजकीय प्राथमिक विद्यालय सरेरा से प्राप्त की। इन्होंने 12 आने दिन की मजदूरी सड़क पर कर सैकण्ड हेण्ड पुस्तकें क्रय कर चौथी कक्षा पास की थी। कक्षा 6 से 10 वीं तक राजकीय माध्यमिक विद्यालय छाणी में महुवाल से छाणी पैदल आकर दस वीं पास की। उन्होंने कक्षा 10 में पढते हुए 2 फरवरी 1965 में राजनीति में प्रवेश कर ग्राम पंचायत सरेरा से निर्वीरोध सरपंच निर्वाचित हुए। डाक्टर परमार ने उच्च शिक्षा के लिए महाराणा भोपाल महाविद्यालय उदयपुर में पी यू सी से एम ए  तक  की शिक्षा सरपंच पद पर रहते हुए उदयपुर विश्वविद्यालय ( मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय) से उत्तीर्ण की । डाक्टर परमार 1981 में पंचायत समिति खेरवाडा के प्रधान बने।  1985  में  निर्दलीय  विधायक  बने। 1985 से 2003 तक निरन्तर विधायक रहे तथा 1999 में मंत्री बने। सुखाड़िया विश्वविद्यालय से  सन् 2008 में जैन दर्शन में पी एच डी की।  2008 के विधान सभा के चुनाव में विधायक बनने के बाद मंत्री बने  । सन् 2018  से 2025 वर्तमान में विधायक के पद पर है। मजदूर से मंत्री, सरपंच से मंत्री तक का  राजनीति में लम्बा सफर तय करने में विधान सभा क्षेत्र खेरवाडा की जनता का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। डाक्टर परमार ने विधान सभा क्षेत्र खेरवाडा की जनता का आभार एवं धन्यवाद ज्ञापित किया है। आपका स्नेह बना रहे।

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