
राजकीय महाविद्यालय बनेड़ा के NSS शिविर का द्वितीय दिवस: रंगमंच और राष्ट्रभक्ति के संगम से निखरा स्वयंसेवकों का व्यक्तित्व
भीलवाड़ा , (जय प्रकाश शर्मा),!बनेड़ा उपखण्ड मुख्यालय स्थित राजकीय महाविद्यालय में राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) के तत्वावधान में आयोजित किए जा रहे। सात दिवसीय विशेष शिविर के दूसरे दिन शनिवार को बौद्धिक एवं व्यावहारिक कौशल विकास के विभिन्न आयामों पर ध्यान केंद्रित किया गया।
शिविर के द्वितीय दिवस की शुरुआत महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. (डॉ.) के. एल. मीणा द्वारा दीप प्रज्वलन एवं ‘लक्ष्य गीत’ के साथ की गई। रंगमंच गतिविधियों से व्यक्तित्व परिष्करण शिविर के मुख्य आकर्षण के रूप में भीलवाड़ा की प्रतिष्ठित संस्था ‘रसधारा सांस्कृतिक संस्थान’ के विशेषज्ञ श्री रवि ओझा एवं श्री अनुराग सिंह ने शिरकत की। सत्र को संबोधित करते हुए विशेषज्ञों ने बताया कि रंगमंच केवल मनोरंजन का साधन नहीं है, बल्कि यह स्वयं के भीतर छिपी झिझक को दूर करने और आत्मविश्वास जागृत करने का एक प्रभावी उपकरण है।
प्रशिक्षकों ने विभिन्न थिएटर एक्सरसाइज़ और थिएटर गेम्स के माध्यम से स्वयंसेवकों को टीम वर्क, बॉडी लैंग्वेज, और वॉयस मॉड्यूलेशन के गुर सिखाए। इस दौरान स्वयंसेवकों ने विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में एक संक्षिप्त नाटक का मंचन भी किया। इस नाटिका के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि एक स्वयंसेवक किस प्रकार समाज में सकारात्मक परिवर्तन का वाहक बन सकता है। द्वितीय सत्र के दौरान बौद्धिक चर्चा का आयोजन किया गया, जिसकी अध्यक्षता कार्यक्रम प्रभारी डॉ. सिद्धार्थ कुमार देसाई ने की। इस वर्ष राष्ट्र गीत ‘वन्देमातरम’ के 150 वर्ष पूर्ण होने के गौरवशाली उपलक्ष्य में डॉ. देसाई ने स्वयंसेवकों को इस गीत के ऐतिहासिक महत्व और इसकी रचना की पृष्ठभूमि से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि ऋषि बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा रचित यह गीत भारतीय राष्ट्रीय चेतना का प्रतीक है, जिसने देश की स्वतंत्रता के लिए लाखों युवाओं को प्रेरित किया। इस अवसर पर प्राचार्य प्रो. (डॉ.) मीणा ने अपने संबोधन में कहा कि “राष्ट्रीय सेवा योजना का मूल उद्देश्य छात्र के व्यक्तित्व का सर्वांगीण विकास करना है। ऐसे शिविरों के माध्यम से विद्यार्थी न केवल अनुशासन सीखते हैं, बल्कि राष्ट्र के प्रति अपने उत्तरदायित्वों को भी समझते हैं।” कार्यक्रम के समापन पर समस्त स्वयंसेवकों और संकाय सदस्यों ने अत्यंत उत्साह एवं गरिमा के साथ सामूहिक वन्देमातरम का गान किया। शिविर का संचालन अनुशासन समिति के निर्देशन में अत्यंत सुव्यवस्थित ढंग से किया गया। इस अवसर पर महाविद्यालय के समस्त शैक्षणिक एवं अशैक्षणिक कर्मचारी उपस्थित रहें।








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