
पुलक सागर जी का आचार्य पदारोहण दिवस मनाया
धरणेन्द्र जैन
खैरवाड़ा। समीपस्थ ऋषभदेव नगर के गुरुकुल में आज आचार्य पुलक सागर जी महाराज का छटा आचार्य पद महोत्सव मनाया गया। आज के दिन आचार्य पुलक सागर जी महाराज जी को गणाचार्य पुष्पदंत सागर जी महाराज ने 29 नवम्बर 2019 को पुष्पगिरी तीर्थ पर आचार्य पद से शुशोभित किया था।
पुलक मंच परिवार के राष्ट्रीय सांस्कृतिक मंत्री देशभर जन जन में प्रिय अंतरास्ट्रीय कवि बलवंत बल्लू एव मीडिया प्रभारी सचिन गंगावत ने बताया कि आज ऋषभदेव में आचार्य श्रीपुलक सागर जी के भक्तो ने इस दिवस को धर्मप्रभावना ओर मानव सेवा के रूप में मनाने का संकल्प लिया और आज सुबह से गुरुकुल में अलग अलग मंचो द्वारा पूजा पाठ किये गए। साथ ही नगर के सभी मंडलों ने भी पूजा अर्चना की । कार्यकर्म के शुरुआत में 18 बालको का विधि पूर्वक उपनयन संस्कार भी किया गया । कार्यकर्म में सबसे पहले पाद प्रक्षालन किया गया जिसका सौभाग्य ऋषभ जी परिवार को प्राप्त हुआ । जिनवाणी भेट नीलकमल अजमेरा उदयपुर परिवार को प्राप्त हुआ।उसके पश्चात गुरु पूजन किया गया जिसमे स्थापना समाज की कार्यकारिणी द्वारा , चंदन हुमद समाज द्वारा ,अक्षत युवा परिषद द्वारा , पुष्प आदिनाथ एकता मंच द्वारा, नेवेद्य नागदा समाज द्वारा ,दीप तरुण क्रांति मंच द्वारा ,धूप युवा प्रकोष्ठ द्वारा ,फल महिला मंडल द्वारा, अर्ध पुलक मंच परिवार द्वारा अंत में जयमाला पाठशाला परिवार द्वारा किया गया। सभी सदस्यों द्वारा नाचते गाते हुए गुरुपूजन किया गया, सभी अपने अपने ड्रेस कोड में सतरंगी आभा बिखेर रहे थे।
ज्ञात हो कि आचार्य पुलकसागर जो कि प्रेरणा और आशीर्वाद से पुलकमन्च परिवार की हजारों शाखाए जीव दया मानव सेवा राष्ट्रीय पर्व ओर सामाजिक पर्व मनाने में सर्वोच्च स्थान पर है।
इस अवसर पर आचार्य श्री ने कहा कि आज का दिन स्मरणीय ही क्युकी आज 18 बच्चो ने धर्म की दीक्षा धारण की उन्होंने बता दिया की हम केस विहीन कैसे रहे। उन्होंने जैन धर्म के लिए अपने आप को समर्पित किया। आचार्य श्री ने कहा कि में चाहता हु की व्यसन मुक्त समाज हो , जेनाचार्य का लोग पालन करे, जैन धर्म की गौरव गरिमा कार्यकर्म से नही अपितु आचरण से हे। आचरण सबसे बड़ी चीज हे। आचार्य का काम आचरण सोपना हे गुरुदेव ने कहा कि मेरी योग्यता को किसी ने पुनर्जीवित किया हे तो वो गुरुदेव पुष्पदंत सागर जी महाराज हे में उनका पावन स्मरण करता हु जीवन भर उनकी शिस्यता को स्वीकार करता हु ।
समाज अध्यक्ष महान शिक्षाविद भूपेंद्र कुमार जैन ने कहा विद्या सागर जी के बाद अगर कोइ है तो वो पुलक सागर हे हम ऋणी हे पुष्पदंत सागर जी के जिन्होंने आप को आचार्य पद से सुशोभित किया, ये जैनों के नही वरन जन जन के गुरु हे, ये दिए हमेशा जलते रहे और पूरे विश्व को प्रकाशित करते रहे।
सांयकाल में भी विशेष कार्यकर्म आयोजित किए गए जिसमे आचार्य श्री की आरती , प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता जिसमे विजेता को स्मार्ट टेबलेट से पुरस्कृत किया गया तथा प्रातः आयोजित प्रतियोगिता मे स्थान प्राप्त करने वाले संगठन को पुरस्कृत किया गया।
इस अवसर पर विशेष रूप से जिनशर्णम ट्रस्ट के ट्रस्टी कुशाल धोलिया , नीलकमल अजमेरा, पुलक मंच परिवार और समाज के कई गणमान्य जन उपस्थित थे।








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