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अमेरिका में बसे प्रवासी भारतीयों ने निकाली 6 किमी लंबी कांवड़ यात्रा

सात समंदर पार भारतीय संस्कृति की छाप : न्यू जर्सी, अमेरिका में बसे प्रवासी भारतीयों ने विहिप, बजरंग दल के नेतृत्व में निकाली 6 किमी लंबी कांवड़ यात्रा,

वेद मंदिर पहुंचकर किया शिवजी का जलाभिषेक हर-हर महादेव के जयघोष से गूंजे अमेरिकी रास्ते, भारतीय संस्कृति की अनूठी छाप

वल्लभनगर, (कन्हैयालाल मेनारिया बासड़ा)27 जुलाई ! सावन मास के पावन अवसर पर जहां भारतवर्ष में शिवभक्त कांवड़ यात्रा के माध्यम से भगवान शिव की आराधना में लीन हैं, वहीं सात समंदर पार बसे प्रवासी भारतीय भी इस धार्मिक उल्लास से अछूते नहीं हैं। इसी श्रृंखला में अमेरिका के न्यू जर्सी में शनिवार को 6 किलोमीटर लंबी भव्य कांवड़ यात्रा का आयोजन हुआ, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालुओं ने भाग लिया।
         यह यात्रा न्यू जर्सी स्थित ईस्ट ब्रंसविक क्षेत्र के 6 टैंगलवुड लेन से प्रारंभ हुई और वेद मंदिर, मिलटाउन (न्यू जर्सी) तक पहुंची। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं ने पारंपरिक वेशभूषा धोती, कुर्ता और मेवाड़ी पाग पहनकर अपनी सांस्कृतिक जड़ों को जीवंत किया। मार्ग में ‘हर-हर महादेव’ और ‘ॐ नमः शिवाय’ के गगनभेदी जयघोष गूंजते रहे। इस कावड़ यात्रा का नेतृत्व विहिप एवं बजरंग दल अमेरिका इकाई के अध्यक्ष तुषार मेनारिया ने किया। उन्होंने बताया कि न्यू जर्सी के अलावा पेन्सिलवेनिया, न्यूयॉर्क, जोर्जिया, वाशिंगटन, लुईविल और केनिटिकट जैसे राज्यों से भी करीब 150–200 किलोमीटर की दूरी तय कर प्रवासी भारतीय इस आयोजन में शामिल होने पहुंचे। ये सभी श्रद्धालु मूलतः मेनार, खरसान, रुंडेडा, वाना, बाठरड़ा खुर्द, चौरवड़ी, जीरन (म.प्र.) और खेरोदा गांवों से संबंधित हैं।
यात्रा शेरवुड एवेन्यू, मिलटाउन रोड, साउथ मेन स्ट्रीट, फोर्ड एवेन्यू, नॉर्थ ब्रूक ड्राइव और रीवा एवेन्यू से होते हुए करीब तीन घंटे में वेद मंदिर पहुँची। वहां सभी कावड़ियों ने विधिवत रूप से शिवलिंग का गंगाजल एवं दुग्ध से अभिषेक किया, रुद्राभिषेक व हवन के आयोजन में भाग लिया।

अमरिकन ने खुले हृदय से सराहा

कांवड़ यात्रा की विशेष बात यह रही कि अमेरिकी नागरिकों ने इस सांस्कृतिक आयोजन को खुले हृदय से सराहा। कई अमेरिकनों ने न सिर्फ कांवड़ियों का स्वागत किया, बल्कि हर हर महादेव के नारे लगाकर इस आध्यात्मिक माहौल में सहभागी भी बने। कई लोगों ने इस आयोजन को कैमरों में कैद किया और सोशल मीडिया पर साझा भी किया।
           इस दौरान भँवरलाल मेनारिया, शंकरलाल मेनारिया (वाना), मोतीलाल मेनारिया (खरसान), सुरेश मेनारिया, चंद्रशेखर जोशी, लक्ष्मीलाल जोशी (बाठरड़ा खुर्द), नंदलाल मेनारिया, वासुदेव मेनारिया (चौरवड़ी), दीपक जैन, मयन जैन (जीरन) सहित अनेक श्रद्धालु अपने-अपने परिवारों के साथ इस यात्रा में शामिल हुए और भारतीय संस्कृति को विदेश की धरती पर जीवंत किया। यह आयोजन इस बात का प्रतीक है कि चाहे व्यक्ति दुनिया के किसी भी कोने में हो, अपनी आस्था, संस्कृति और परंपराओं से उसका जुड़ाव अटूट रहता है। न्यू जर्सी की यह कांवड़ यात्रा न केवल धार्मिक भावनाओं का प्रकटीकरण थी, बल्कि भारत की गौरवशाली संस्कृति की अमेरिका में एक सशक्त प्रस्तुति भी बनी।

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