
धरणेन्द्र जैन
खेरवाड़ा । भारत रत्न, पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई की बुधवार 25 दिसंबर को 100 वीं जयंती है। इस दिन पूरा देश उनको याद करता है। इस बार वाजपेई की 100 वीं जयंती को यादगार बनाने के लिए भाजपा द्वारा देश भर में चार दिन तक स्वर्ण जयंती कार्यक्रम चलेगा। 22 से 25 दिसंबर तक चलने वाले कार्यक्रमों के दौरान विभिन्न आयोजन किए जाएंगे। वाजपेई की जनजाति बाहुल्य खेरवाड़ा क्षेत्र से भी कुछ यादें जुड़ी हुई है ।उनकी जयंती के अवसर पर क्षेत्र के वरिष्ठ भाजपा नेता पारस जैन ने पूर्व प्रधानमंत्री के खेरवाड़ा आगमन की कुछ तस्वीरें साझा करते हुए बताया कि वाजपेई प्रथम बार जनवरी 1985 में खेरवाड़ा आए थे तथा कस्बे के आजाद चौक में विशाल सभा को संबोधित किया था ।इसके पश्चात वाजपेई दूसरी बार में 1989 में अहमदाबाद से उदयपुर जाते हुए खेरवाड़ा डाक बंगले पर रुके थे तथा भाजपा कार्यकर्ताओं से मुलाकात की थी। इसके पश्चात वाजपेई 1996 के लोकसभा चुनाव में खेरवाड़ा आए थे तथा कस्बे के हाई स्कूल मैदान में सभा को संबोधित किया था ।जैन ने बताया कि वाजपेई के सभी कार्यक्रमों के संचालन का मौका उन्हें प्राप्त हुआ था। वाजपेई बहुत सरल ,सौम्य व खुशमिजाज व्यक्तित्व के धनी थे । जैन ने बताया कि 1989 में खेरवाड़ा डाक बंगले पर रुकने के पश्चात कार्यकर्ताओं ने वाजपेई को अल्पाहार करने का आग्रह किया ,तो उन्होंने कहा कि मुझे शीघ्र उदयपुर पहुंचाना है , कार्यकर्ताओं के बार बार निवेदन पर अल्पाहार में रखें ड्राई फ्रूट्स को वाजपेई ने अपने कुर्ते के दोनों जेब में भर लिया तथा कहा कि वह अल्पाहार करते हुए उदयपुर पहुंच जाएंगे ।








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