मावली। जनगणना 2027 के प्रथम चरण के अंतर्गत मकान सूचीकरण और मकानों की गणना का कार्य समय पर पूर्ण करने के बावजूद, कार्यरत प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों को अब तक मानदेय का भुगतान नहीं हो सका है। मानदेय के शीघ्र भुगतान को लेकर राजस्थान सरकार और सांख्यिकी निदेशालय का ध्यान आकृष्ट करते हुए पुरजोर मांग की गई है।
उल्लेखनीय है कि विभिन्न कार्मिकों ने 16 मई 2026 से 15 जून 2026 तक चले जनगणना के प्रथम चरण का कार्य समयबद्ध तरीके से पूरा किया था। सांख्यिकी निदेशालय के दिशा-निर्देशानुसार सभी कार्मिकों ने अपने बैंक खाता और विक्रेता आईडी (Vendor ID) विवरण भी तहसील चार्ज अधिकारियों को समय पर जमा करा दिए थे। इसके बावजूद तीन माह से अधिक का समय बीत जाने पर भी संबंधित कार्मिकों के बैंक खातों में मानदेय राशि जमा नहीं हुई है।
अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ (ABRSM) खण्ड मावली के अध्यक्ष शंकरलाल जाट (मावली) व प्रधानाध्यापक वाकपीठ अध्यक्ष योगेश जैन ने प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि मानदेय भुगतान में हो रहे विलंब से कार्मिकों में भारी असंतोष और रोष व्याप्त है। संगठन ने मांग की है कि जनगणना 2027 के प्रथम चरण के बकाया मानदेय का शीघ्र अति शीघ्र भुगतान कर कार्मिकों को राहत प्रदान की जाए।अन्यथा धरना प्रदर्शन के लिए मजबूर होना पड़ेगा ।







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