
भीलवाड़ा , (जय प्रकाश शर्मा),बनेड़ा !मेहनत, समर्पण और अटूट दृढ़ संकल्प यदि साथ हों, तो अभाव भी सफलता की राह नहीं रोक सकते। इसे चरितार्थ कर दिखाया है भीलवाड़ा जिले के मांडलगढ़ उपखंड के बीगोद क्षेत्र स्थित खटवाड़ा ग्राम की होनहार बेटी निकिता पाराशर ने। राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) द्वारा आयोजित स्कूल व्याख्याता (School Lecturer) परीक्षा में निकिता का 155वीं रैंक के साथ भूगोल विषय में अंतिम चयन हुआ है, जिससे क्षेत्र में हर्ष की लहर है।26 वर्षीय निकिता पाराशर की यह उपलब्धि इसलिए भी विशेष है क्योंकि उन्होंने किसी बड़े शहर के कोचिंग संस्थान का सहारा लिए बिना, अपने गांव में रहकर ही स्व-अध्ययन (Self-Study) के दम पर यह मुकाम हासिल किया है। यह उनका प्रथम प्रयास था, जिसमें उन्होंने न केवल सफलता प्राप्त की, बल्कि राज्य स्तर की इस कठिन परीक्षा में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। निकिता का सफर संघर्षों से भरा रहा है। उनके पिता बीगोद कस्बे में एक छोटी सी दुकान संचालित करते हैं। परिवार की आर्थिक परिस्थितियां बहुत अधिक अनुकूल नहीं थीं, लेकिन निकिता ने इन चुनौतियों को कभी अपनी पढ़ाई के आड़े नहीं आने दिया। उन्होंने संसाधनों की कमी को अपनी कमजोरी बनाने के बजाय, उसे एक प्रेरणा के रूप में इस्तेमाल किया और संघर्ष का रास्ता चुनकर अपनी मंजिल प्राप्त की। निकिता की इस सफलता ने यह साबित कर दिया है कि सफलता के लिए सुविधाओं से अधिक संकल्प की आवश्यकता होती है। उनके चयन पर ग्राम खटवाड़ा और बीगोद क्षेत्र के ग्रामीणों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसे गौरव का क्षण बताया है। परिवारजनों का कहना है कि निकिता बचपन से ही मेधावी रही हैं और उनकी इस उपलब्धि से क्षेत्र की अन्य बालिकाओं को भी उच्च शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए प्रोत्साहन मिलेगा।
अपनी सफलता पर निकिता ने बताया कि—
“यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और निरंतरता के साथ मेहनत की जाए, तो कोई भी मंजिल दूर नहीं है। मैंने अपनी परिस्थितियों को अपनी ताकत बनाया और नियमित अध्ययन पर ध्यान केंद्रित किया।”
निकिता पाराशर की इस गौरवमयी उपलब्धि पर जनप्रतिनिधियों, शिक्षाविदों और स्थानीय नागरिकों ने उन्हें और उनके परिवार को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं प्रेषित की हैं।








Users Today : 202