

पूरा ऋषभदेव नगर रहेगा कैमरे की नजर में
भगवान ऋषभदेव जन्मोत्सव मेला 22 को
देवस्थान प्रशासन ने मेले में व्यवस्थाओं का लिया जिम्मा
मंदिर परिसर में बनेगा कंट्रोल रूम ,लगेंगे 32 सीसी टीवी कैमरे
धरणेन्द्र जैन, खेरवाड़ा
खेरवाड़ा । युग निर्माता भगवान ऋषभदेव के जन्मोत्सव पर दो दिवसीय मेला 22 से शुरू होगा । चैत्र कृष्ण अष्टमी एवं नवमी पर भगवान ऋषभदेव का जन्मोत्सव मनाया जायेगा । अरावली की ऊंची पहाड़ियों के बीच राष्ट्रीय राजमार्ग 48 पर उदयपुर से 67 किमी दूरी पर बसे नगर ऋषभदेव जो कभी धुलेवा कहलाता था में स्थित भगवान ऋषभदेव के भव्य मंदिर में चैत्र कृष्ण अष्टमी को भगवान ऋषभदेव का जन्मोत्स बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। 22 तारीख से लगने वाले मेले में राजस्थान, गुजरात एवं मालवा प्रदेश से विभिन्न सम्प्रदायों के लाखों श्रद्धालु आते हैं और दर्शन एवं केसर पूजन का लाभ उठाते है। भगवान ऋषभदेव पर केसर चढ़ाने से इसे केशरियाजी के नाम से भी जाना जाता है। यह मेला सर्वधर्म समभाव का प्रतीक है।
खैरवाड़ा से वरिष्ठ पत्रकार समाज सेवी धरणेन्द्र जैन ने बताया कि भगवान ऋषभदेव केवल जैन, हिन्दू या भारतीय संस्कृति के उन्नायक, प्रचार प्रसारक ही नहीं थे, वरन् अखिल मानव संस्कृति के पुरोधा भी थे। उन्होंने समाज रचना से लेकर राजनीति, शिक्षा, सुरक्षा, विज्ञान तथा आध्यात्मिक ज्ञान का शोध करके मनुष्यों को दिशा बोध दिया, इसलिए इन्हें आदिनाथ, आदिब्रह्म, पशुपति, युगादिपुरुष, हिरण्यगर्भा, बुद्ध, शिव, चतुरानन एवं ऋषभदेव आदि विशेषणों से संबोधित किया जाता है।पौराणिक कथाओं के अनुसार जब-जब भी इस धरती पर भगवान का अवतरण होता है तो उसके पूर्व संकेत संपूर्ण सृष्टि पर दृष्टिगोचर होने लगता है। ऐसे ही भगवान ऋषभदेव के अवतरण से पूर्व उनकी माता मरुदेवी को सोलह स्वप्नों का आभास हुआ। माताको सपने में ऐरावत, वृषभ, सिंह, महालक्ष्मी, सुवर्ण कलश आदि का आभास हुआ। माता द्वारा उक्त सपनों की बात भगवान ऋषभदेव के पिता श्री नाभिराज को बतलाई। नाभिराज स्वयं विधि ज्ञान के ज्ञाता एवं त्रिकालदर्शी होने से सपनों के संकेतो से प्रभावित होकर माता मरुदेवी को किसी महापुरुष के अवतरण की बात कही। सुष्म दुष्म अवसर्पिणी काल के तीन पूर्व लाख चौरासी में आषाढ़ मास कृष्ण पक्ष द्वितीया को सिद्ध योग नक्षत्र में भगवान माता के गर्भ में अवतरित हुए।
22को लगनेवाले ऐतिहासिक मेले में भगवान ऋषभदेव के दर्शन हेतु मालवा, मेवाड़, वागड़ , भोमट क्षेत्र सहित मध्य प्रदेश, गुजरात , महाराष्ट्र एवं अन्य राज्यो से हजारों श्रद्धालुओ का आगमन होगा। भगवान ऋषभदेव के जन्मोत्सव का मुख्य मेला शनिवार को भरेगा । ऋषभदेव वृत्त अधिकारी राजीव राहर ने बताया कि मेले में एक लाख से ज्यादा श्रद्धालुओ के पहुंचने की उम्मीद है । जन्मोत्सव मेले में स्थानीय प्रशासन एवं पुलिस के पुख्ता इंतजाम रहेगा । सीसीटीवी कैमरो से निगरानी रखी जायेगी । भगवान ऋषभदेव के नगर भ्रमण के दौरान हजारों श्रद्धालु शोभायात्रा में हिस्सा लेंगे ।
धूलेव भंडार के जवानों द्वारा बंदूकों की सलामी के साथ होगा जन्मोत्सव का आगाज
शनिवार सुबह गजर बजने के साथ ही प्रातः 6 बजे धुलेव भंडार के जवानों द्वारा बंदूकों की सलामी के साथ जन्मोत्सव की शुरुवात होगी । सलामी के साथ मंगला दर्शन, जल दुग्धाभिषेक , आरती होगी , श्रद्धालुओ द्वारा भगवान की केसर पूजा होगी । दोपहर 12 से 1.30 बजे तक मंदिर के शिखर पर ध्वजा चढ़ाई जाएंगी । ऋषभदेव मुख्य मंदिर से शाम 4 बजे भगवान ऋषभदेव को ऐतिहासिक रतन से जड़ित रजत रथ में विराजित कर शोभायात्रा निकाली जाएंगी । शोभायात्रा में भगवान को 35 किलो सोने एवं हीरे जड़ित आंगी धारण करवाई जाती है । शोभायात्रा मुख्य मंदिर से आरंभ होकर ऋषभ चौक,जोहरी बाजार,सदर बाजार,नेहरू बाजार , पाटुना चौक , हॉस्पिटल रोड होते हुए शाम 6 बजे पगल्याजी पहुंचेगी । जहा भगवान की सेवा पूजा व आरती की जायेंगी । शाम 7.30 बजे शोभायात्रा पुनः मुख्य मंदिर पहुंचेंगी । मध्यरात्रि 12.45 पर जन्मकल्याणक आरती व मंगल दीपक होगा एवं मंदिर परिसर में भजन संध्या का आयोजन होगा ।
14 थानाधिकारी सहित 400 पुलिसकर्मी रहेंगे सुरक्षा में तैनात
उदयपुर जिला पुलिस अधीक्षक योगेश कुमार गोयल ने बताया कि मेले में ग्रामीण एएसपी अंजना सुखवाल, डिप्टी ऋषभदेव राजीव राहर , पहाड़ा थानाधिकारी, खेरवाड़ा, सराडा, पटिया, कल्याणपुर,सलूंबर, झाड़ोल , ऋषभदेव, ,परसाद, बावलवाड़ा, सराडा, जावर माइंस के थानाधिकारियों के साथ 400 पुलिसकर्मी एवं 30 महिला कांस्टेबल तैनात रहेंगी तथा नगर में अस्थायी पुलिस कंट्रोल रूम बनेगा । नगर में लगे सीसीटीवी कैमरो से मेले एवं शोभायात्रा के दौरान निगरानी रखी जाएंगी ।
मेले में उपखंड अधिकारी, तहसीलदार , देवस्थान सहायक आयुक्त सहित अनेक कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है ताकि मेले की व्यवस्थाए चाक चौबंद रहे । मंदिर परिसर में डॉक्टर एवं नर्सिंग स्टाफ की ड्यूटी रहेंगी । आपातकालीन सेवाओं के लिए एम्बुलेंस फायर बिग्रेड 24 घंटे तैनात रहेंगी । सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर भी आपातकालीन स्थिति से निपटने हेतु चिकित्साकर्मी उपस्थित रहेंगे ।
यहां पर रहेगी पार्किंग व्यवस्था
डिफ्टी राजीव राहर ने बताया कि खेरवाड़ा, डूंगरपुर व उदयपुर की ओर से आने वाले वाहनों को गवरी तिराहे, सराड़ा व बिलख से आने वाले को बिलख तिराहा व सलूंबर, कल्याणपुर की ओर वाले वाहनो को पगल्याजी पार्किंग रहेगी। मेले में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए ऋषभदेव के आदिनाथ क्लब सहित विभिन्न सामाजिक संगठनों द्वारा निशुल्क भोजन की व्यवस्था की जाएगी। डूंगरपुर व उदयपुर डिपो द्वारा मेले के दिन विशेष बसों को लगाया जाएगा।
मेले में झूले एवं हाट बाजार रहेगा आकर्षण का केंद्र
मेले में गगन चुंबी झूले एवं हाट बाजार, मनिहारी एवं कई तरह की छोटी छोटी दुकानें आकर्षण का मुख्य केंद्र रहती है । जन्मोत्सव को लेकर केशरियाज़ी मंदिर को आकर्षक रंग बिरंगी लाइटों एवं चमकीली फर्रियो से दुल्हन की तरह सजाया गया है । साथ पगल्याजी,धर्मशाला आदि में भी रंग बिरंगी लाइटों से साज सजा की गई है ।








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