
धरणेन्द्र जैन
खेरवाड़ा। कस्बे के प्राचीन गणेश मंदिर मे चल रही रामलीला के अंतिम दिन भगवान राम और लंकापति रावण के बीच भीषण युद्ध हुआ। जिसमे प्रभु राम ने कई बार रावण को मारने की कोशिश की परन्तु रावण पर उसका कोई प्रभाव नही पडा तब प्रभु ने रावण के भाई विभीषण को याद किया और रावण के मृत्यु का राज पूछा। विभीषण ने लंकापति रावण की मत्यु का राज प्रभु श्रीराम को बताया, फिर प्रभु राम ने रावण का वध किया। रावण के वध के पश्चात भगवान राम का सीता सहित अयोध्या लोटे, फिर भगवान राम का राज्याभिषेक हुआ। सभी अयोध्यावासियो ने प्रभु के आगमन पर दीपावली मनाई उसी तरह खैरवाडा वासियो ने भी भव्य आतिशबाजी ओर मिठाई वितरित की गई।
आज के इस रामलीला के समापन समारोह मे श्री साई सेवा समिति के कुलदीप ठाकुर, दीपक अग्रवाल, प्रवीण कलाल, मनीष नरवरिया,सौरभ नरवरिया,खैरवाडा व्यापार मण्डल के अध्यक्ष अमित कलाल, संरक्षक पारस जैन , राम मंदिर न्यास कमेटी के प्रमोद अग्रवाल, वरिष्ठ पत्रकार समाज सेवी धरणेन्द्र जैन, आर एस एस के निखिल नरवरिया, गणपति नवयुवक मण्डल के मुकेश टाॅक, मुकेश कुमार भोई, नवीन मेहता द्वारा रामलीला के समस्त कलाकारो का उपरना ओर माल्यार्पण करके अभिनन्दन किया गया।
इसके पश्चात व्यापार मण्डल के संरक्षक पारस जैन ने सभी कलाकारो का धन्यवाद ज्ञापित किया। महिला मंडल की सदस्या शीतल व्यास, हंसा साहू, कमलेश अग्रवाल, अनिता अग्रवाल, सज्जन खटीक, पिंकी अग्रवाल, आशा टेलर, रक्षा टेलर , मयूरी टेलर, पूनम टेलर द्वारा भी सभी कलाकारो का उपरणा उढाकर विदाई दी गई।








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