

आयुर्वेद सहयोग समिति,उदयपुर (राजस्थान)
दिनांक 12 अक्टूबर 2026
(विश्व अर्थराइटिस दिवस पर आयुर्वेद संगोष्ठी)
उदयपुर 12 अक्टूबर।आयुर्वेद सहयोग समिति के तत्वावधान में सुन्दरवास में विश्व अर्थराइटिस दिवस के उपलक्ष्य में “आयुर्वेद में है अर्थराइटिस का समाधान” विषयक संगोष्ठी का आयोजन किया गया।
संगोष्ठी संयोजक डॉ.मनोज भटनागर ने बताया कि विश्व अर्थराइटिस दिवस का उद्देश्य जोड़ों के दर्द, गठिया और आमवात के प्रति जन-जागरूकता फैलाना है। विश्व अर्थराइटिस दिवस पर इस वर्ष की थीम ” मूव टुडे फॉर ए ब्राइटर टुमारो”है।
मुख्य वक्ता आयुर्वेद विभाग उदयपुर संभाग के पूर्व अतिरिक्त निदेशक डॉ. बाबूलाल जैन ने कहा कि आयुर्वेद में अर्थराइटिस ‘आमवात’रोग गलत खान-पान, ठंडी और बासी चीजों का सेवन, दही, चावल का अधिक प्रयोग और वात बढ़ाने वाली जीवनशैली इसका मुख्य कारण है।
मुख्य अतिथि राजस्थान आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारी संघ जिला शाखा उदयपुर के पूर्व अध्यक्ष डॉ.गुणवंत सिंह देवड़ा रहे।
विशिष्ट अतिथिय डॉ. नन्दराम त्रिवेदी, डॉ.महेन्द्र आर्य,पूर्व अतिरिक्त निदेशक डॉ.भूपेन्द्र कुमार शर्मा ने बताया कि आज कम उम्र में भी घुटने, कमर और कंधे के दर्द की समस्या तेजी से बढ़ रही है, लेकिन आयुर्वेदिक चिकित्सा में पुनर्नवास्टक क्वाथ , वातगजेंद्र सिंहरस,रासनादिगुग्गूल, गुग्गुल कल्प, पथ्यादिचूर्ण, लहसुन क्षिर पाक और पंचकर्म,बस्ती शोधन एवं शमन चिकित्सा द्वारा इसे नियंत्रित किया जा सकता है। रोगी व्यक्ति को दही, ठण्डी चीजें, गरिष्ठ भोजन का परहेज रखते हुए नियमित योग-व्यायाम करें और जोड़ों में लगातार दर्द, सूजन या जकड़न होने पर तुरंत आयुर्वेद परामर्श लें क्योंकि समय पर उपचार लेने पर आयुर्वेद से इसका समाधान संभव है।
इस अवसर पर उदयपुर के पूर्व उपनिदेशक डॉ. बंसीलाल गर्ग, डॉ.योगेश्वर चौबीसा, डॉ.रमेश शर्मा, डॉ. सुन्दरलाल पालीवाल ने सभी को संकल्प दिलाया कि आयुर्वेदिक जीवनशैली को जन-जन तक पहुंचाया जाएगा।








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