


साहित्य प्रेमी शायरी कविता छंद दोहे लोक गीत विविध रसों को पेश कर भरपूर वाह वाही लूटी
दर्शकों ने फनकारों को मंच पर जा जाकर किया सम्मानित
उदयपुर ! शायराना उदयपुर परिवार का साहित्य संगीत समारोह ऐश्वर्या कॉलेज ऑडिटोरियम शोभागपुरा में आयोजित हुआ जिसमें साहित्य संगीत के फनकारों ने अपने हुनर अलग अलग अंदाज में प्रस्तुत किया जिसमें एक तरफ इश्क महोब्बत के शायराना अफ़साने चले वही संगीत की महफिल में इश्क महोब्बत से सजे नग़मे प्रस्तुत किये गए !
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अकाउंट ऑफिसर चंद्र प्रकाश बडारिया ,अध्यक्षता डॉ सीमा सिंह प्रबंध निदेशक ,विशिष्ट अतिथि गीतांकर मेवाड़ी रहे !
कार्यक्रम प्रभारी दिव्यानी शर्मा ने बताया कि शायराना उदयपुर परिवार के साहित्य संगीत समारोह में उदयपुर जिले के अलावा आसपास के जिलों से कलाकारों ने भाग लिया जिसमें चेतना लोहार ने तेनु एक पल चेन न आवे सजना तेरे बिना दमदार गायकी से तालिया बटोरी वही डूंगरपुर के कृषि विभाग के अधिकारी और शायर निलेश यादव ने इश्क भरी नजरों से देख कर आसानी से दिल में तूफ़ान लाते हो कितनी सादगी से करामात कर जाते हो पेश कर खूब वाहवाही लूटी , कॉलेज शिक्षा विभाग के अधिकारी पंकज वीरवाल ने ओ माज़ी रे अपना किनारा नदियाँ की धारा है सुना कर महफ़िल को रंगीन कर दिया राजसमन्द के सीनियर अकाउंट ऑफिसर चंद्र प्रकाश बडारिया ने एक प्यार का नगमा है सुनाकर सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया !
ऐश्वर्या कॉलेज की प्रबंधन निदेशक डॉ सीमा सिंह ने भीगी भीगी रातों में सुनाकर सभी को मदहोश कर दिया श्रोताओं ने उत्साह उमंग जोश में पगड़ी माला उपरना चलते गाने में ही पहनाने मंच पर चले पड़े!
एडवोकेट अदिति वर्मा ने तू कितनी अच्छी है कितनी भोली है प्यारी प्यारी है मां सुनाकर सभी को भावुक ममतामई आगोश में जाने के लिए मजबूर कर दिया इसके लिए अदिति का विशेष सम्मान किया गया !
दिव्यानी शर्मा ने बाहों में चले आओ गीत गाकर लता जो याद किया गया !
वरिष्ठ कवि डॉ राजकुमार राज ने प्यार बस दीवाना होता है मस्ताना होता है सुनाकर प्रेम रस में डुबो दिया !
लक्ष्मी आसवानी ओ बाबुल प्यारे सुनाकर संबंधों की भावुक परम्परा को जीवित कर दिया !
अशोक परनामी ने चांदी की दीवार ने तोड़ी नारायण लाल लोहार ने नज़र ना लग जाए किसी की राह में सुनाकर इश्क की पैमाइश का नज़ारा पेश किया !
राजसमन्द के कमलेश कुमावत ने तेरे बिना जिंदगी से शिकवा तो नहीं सुनाकर जिंदगी के फलसफे को ताज़ा किया !
किशन गढ़ की देवयानी शर्मा ने कार्यक्रम का शानदार संचालन करते हुए संचालन के दौरान छंद दोहे गीत ग़ज़ल कविता पैरोडी की पंक्तियों को सुनाकर समारोह को रोचकता प्रदान कर दर्शको को तरोताज़ा किया होटल व्यवसायी निशा राठौड़ ने ओ मेरे दिल के चेन सुनाकर इश्क के गहरे जज्बातो को साजा किया
आकाशवाणी आर जे शामिल शेख ने शानदार शायरिया सुनाकर माहौल को शायराना बना दिया !
गीता सिंह राठौड़ ने तुमसे नाराज नहीं जिंदगी सुनाकर जीवन के दर्शन को बताया मनोहर लाल मुखिया दिल का आलम बया कर रहा हूं सुना कर तालिया लूटी वही चित्तौड़ गढ़ के अजीत सिंह ने गीत प्रस्तुत कर समा बांध दिया !
मीडिया सलाहकार आभा सिरसीकर ने बताया कि पिछले 16 सालों से प्रत्येक माह के आखिरी रविवार को प्रातः 11,30 पर शायराना उदयपुर परिवार निःशुल्क संगीत साहित्य समारोह आयोजित करता है जिसमें राष्ट्रीय स्तर के साहित्य संगीत के फनकारों के साथ नवोदित कलाकारो को भी मंच मौका प्रदान किया जाता है !
सभी उम्र के साहित्य संगीत प्रेमियों के लिए
आगामी दिवस पर साहित्य संगीत कार्यशाला का आयोजन भी किया जाएगा इस के लिए प्रतिभागी अपना रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं !
राष्ट्रभक्ति पर शायराना उदयपुर परिवार म्यूजिक एल्बम बनाने जा रहा है जिसमें शायराना उदयपुर परिवार के सदस्यों को अवसर प्रदान किया जाएगा!








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