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राष्ट्रीय सिविल सेवा दिवस-डॉ. श्रीनिवास महावर

उदयपुर |दिनांक 21 अप्रैल 2026 | जनमत मंच के तत्वाधान में राष्ट्रीय सिविल सेवा दिवस के अवसर पर जनमत मंच के संस्थापक,अध्यक्ष डॉ. श्रीनिवास महावर ने जानकारी देते हुए कहा की भारतीय सिविल सेवा दिवस जो लोक सेवकों को राष्ट्र की सेवा में खुद को फिर से समर्पित करने और सार्वजनिक सेवा में उत्कृष्टता के लिए प्रतिबद्ध होने का अवसर प्रदान करता है।
अप्रैल 1947 को भारत के पहले गृह मंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल ने दिल्ली के मेटकाफ हाउस में प्रशासनिक सेवा के परिवीक्षाधीन अधिकारियों को संबोधित किया था। उन्होंने सिविल सेवकों को ‘भारत का स्टील फ्रेम’ (Steel Frame of India) कहा था।
इस अवसर पर ‘लोक प्रशासन में उत्कृष्टता के लिए प्रधानमंत्री पुरस्कार’ (PMAEPA) प्रदान किए जाते हैं, जो केंद्र और राज्य सरकारों के उन अधिकारियों को मान्यता देते हैं जिन्होंने अभिनव कार्य किया हो।
यह दिवस प्रथम बार भारत सरकार द्वारा  21 अप्रैल 2006 को विज्ञान भवन, नई दिल्ली में आयोजित किया गया था | यह दिन प्रशासनिक अधिकारियों को राष्ट्र सेवा के अपने कर्तव्यों को याद दिलाने और नागरिकों के प्रति भारत सरकार प्रतिवर्ष  ‘नागरिक सेवा दिवस’ के रूप में मनाती है। यह दिन सरकारी कर्मचारियों के लिए नागरिकों के हित में स्वयं को समर्पित करने और सार्वजनिक सेवा तथा कार्य में उत्कृष्टता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को नवीकृत करने का अवसर है।
इस अवसर पर उपस्थित जनमत मंच के सचिव शिरीष नाथ माथुर, सह सचिव डॉ. प्रियदर्शी ओझा, सहायक सचिव विनोद कुमार चौधरी, कोषाध्यक्ष विशाल माथुर एवं डॉ.कुणाल आमेटा सहायक आचार्य आजाद मीणा एवं धर्मेंद्र कुमार वर्मा ने बताया कि यह दिवस नागरिकों की सेवा को सर्वोपरि मानने और कार्य में उत्कृष्टता (Excellence) के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को नवीनीकृत करने का अवसर प्रदान करता है।
यह सिविल सेवकों को उनके दायित्वों ,नीति कार्यान्वयन, कानून-व्यवस्था बनाए रखने, और सामाजिक-आर्थिक विकास को गति देने की याद दिलाता है।
पुरस्कार: इस अवसर पर ‘लोक प्रशासन में उत्कृष्टता के लिए प्रधानमंत्री पुरस्कार’ (PMAEPA) उन अधिकारियों को दिए जाते हैं, जिन्होंने सरकारी योजनाओं को लागू करने और नागरिकों की समस्याओं का समाधान करने में असाधारण कार्य किया है।
सिविल सेवकों द्वारा उत्कृष्ट कार्य को भारत के प्रधानमंत्री द्वारा सम्मानित किया जाता है। व्यक्तियों को पदक, प्रशस्ति पत्र और नकद राशि प्रदान की जाती है।
इस दिन केंद्र सरकार विभिन्न विभागों के कार्यों का मूल्यांकन करती है और आने वाले वर्षों के लिए योजनाएं बनाती है, जो कर्मचारियों को और बेहतर काम करने के लिए प्रेरित करती है।
संक्षेप में, यह केवल एक उत्सव नहीं है, बल्कि सिविल सेवकों के लिए “सेवा पहले” (Service First) के अपने संकल्प को दोहराने का एक महत्वपूर्ण अवसर है।

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