Home » धर्म » झाड़ोल से जैन समाज के 600 श्रावक श्राविकाये करेंगे सम्मेद शिखरजी की वंदना

झाड़ोल से जैन समाज के 600 श्रावक श्राविकाये करेंगे सम्मेद शिखरजी की वंदना



झारखंड राज्य स्थित 20 तीर्थंकरों की निर्वाण भूमि है सम्मेद शिखर

धरणेन्द्र जैन
खैरवाड़ा। विश्व प्रसिद्ध मानव निर्मित जयसमंद झील के समीपस्थ झाडोल से 600 जैन समाजजन का समूह 1600 किलोमीटर दूर झारखंड राज्य स्थित तीर्थराज सम्मेद शिखर पहुंचकर सामूहिक पूजन वंदना करेंगे। प्रवक्ता अनिल स्वर्णकार ने बताया कि जैन समाज में सम्मेद शिखर जी विशेष आस्था का केंद्र है, क्यों कि तीर्थराज सम्मेद शिखर 20 तीर्थंकरों का निर्वाण स्थल है।
झाडोल एवं झाडोल के बाहर रहने वाले जैन समाज के अहमदाबाद, आकोला ,नागपुर, मुंबई आदि स्थानों के प्रवासी जिनकी 600 संख्या है। आगामी 13 दिसंबर को झाडोल से बस से यात्रा कर जोधपुर और जोधपुर से ट्रेन से यात्रा कर 15 दिसंबर को झारखंड राज्य स्थित सम्मेद शिखरजी पहुंचेंगे । 16 दिसंबर को आचार्य वैराग्यनंदी महाराज ससंघ के साथ शिखरजी पहाड़ की वंदना करते हुए पहाड़ पर भगवान मल्लिनाथ की टोंक पर पुष्प वर्षा ओर पूजन अर्चना करेंगे। संजय जैन चिबोडिया ने बताया कि 17 दिसंबर को आचार्य वैराग्यनंदी महाराज ससंघ सानिध्य में सम्मेदशिखर विधान ओर पिच्छिका परिवर्तन समारोह होगा। 18 दिसंबर को पुनः शिखर जी पहाड़ की वंदना करके 19 दिसंबर को झाडोल के लिए रवानगी होगी।
मुख्य संघपति केशुलाल मालवी, संघपति विजय चंद धुरावत, संघपति दवाचंद जीमावत परिवार का सामूहिक तीर्थयात्रा में विशेष आर्थिक सहयोग रहा।
तीर्थयात्रा से पूर्व समाजजनों का मेंहदी हल्दी रस्म, डांडिया नृत्य, भक्ति संध्या का आयोजन झाड़ोल में हुआ। कालूलाल फ़नावत ,जयेश कचलावत, राजू चिबोडिया, मनीष सड़ावत,अशोक देवड़ा, मोना मालवी, कंचन चिबोडिया ,राजेंद्र  कोठारी, पवन कुमार सकरावत ,हीरालाल मालवी ,प्रदीप सेलावत ,झमक नागदा, ,रमेश, महेंद्र नागदा ,रमेश सडावत, मोतीलाल सडावत, बंसीलाल देवड़ा ,मनीष सकरावत, महावीर पदमावत ,नाथू लाल पिलादरा ,मल्लिनाथ महिला अध्यक्ष धुली देवी मालवी, सुमित्रा चिबोडिया, आशा सदावत, विनीता मलावत, आशा चिबोदिया सहित मुंबई झाडोल से महिला मंडल जोर-शोर से लगा हुआ है।

Leave a Comment

Modi 3.0 के पहले आम बजट से मिडिल क्लास को मिलेगी राहत?