
वल्लभनगर, (कन्हैया लाल मेनारिया बासड़ा)!मेनार वेटलैंड कॉम्प्लेक्स के रामसर स्थल घोषित होने के बाद पक्षी दर्शन हेतु पर्यटकों के साथ ही पक्षी प्रेमियों, जीव विज्ञानियों, पर्यावरणविदों और स्कूल कॉलेज के विद्यार्थी भी मेनार पहुंचने लगे है। मेनार की अंतर्राष्ट्रीय ख्याति ने पक्षी प्रेमियों को आकर्षित किया है। राजस्थान विद्यापीठ के मणिक्य लाल वर्मा श्रमजीवी महाविद्यालय के शिक्षा विभाग के बीएससी बीएड के प्रथम एवं द्वितीय वर्ष के लगभग 60 छात्र छात्राएं एवं प्रोफेसर अलसूबह मेनार पहुंचे। ढंढ तालाब मंशापूर्ण महादेव मंदिर से ब्लैक वैली तक 600 मीटर वॉक करते हुए विभिन्न पक्षी प्रजातियों को देखा। तत्पश्चात पुनः श्रीराम मंदिर प्रांगण में एकत्रित हुए। यहाँ स्थानीय पक्षी विशेषज्ञ दर्शन मेनारिया ने मेनार के ब्रह्म तालाब और ब्रह्म तालाब तथा सामुदायिक संरक्षण की परंपराओं का परिचय देते हुए बताया कि मेनार के जलाशयों में सदियों से प्रवासी पक्षियों का आगमन होता रहा है, किन्तु हाल के वर्षो में पहचान मिलने के साथ ही लोगों में जागरूकता बढ़ी है।मेनारिया ने मेनार के जलाशयों में एशियन वॉटर बर्ड सेंसस और बॉम्बे नेचुरल हिस्ट्री जैसी संस्थाओं द्वारा की गई पक्षी गणना के अनुसार कई दुर्लभ प्रजातियां विचरण करती है। ग्रेट क्रेस्टेड ग्रीब जैसे प्रवासी पक्षियों को यहाँ का वातावरण इतना मुफीद लगा कि ये यहीं प्रजनन करते हुए स्थानिक पक्षी बन गए।विद्यार्थी यह जानकर हैरान हुए कि कोर्मोरेंट पक्षी के तेलिय ग्रंथि नहीं होती है जिससे पँख गीले हो जाते हैं और उन्हें बार बार सुखाने के लिए धुप में या हवा में बैठना होता है। डॉ दर्शना दवे ने बताया कि यह शैक्षणिक भ्रमण विभाग के निदेशक सुनीता मुरडिया के मार्गदर्शन में मेनार वेटलैंड कॉम्प्लेक्स की इकोलॉजी से विद्यार्थियों का परिचय कराना तथा इनमें पक्षियों के जीवन और उनके व्यवहार के प्रति जागरूकता लाने के उद्देश्य से आयोजित किया गया। दल में जीव विज्ञान और गणित विषय के विद्यार्थी शामिल रहे। छात्र छात्राओं ने श्री राम मंदिर से ब्लैक वेळी, व्यू पॉइंट,ढंढ तालाब बैक वॉटर, मृदेश्वर महादेव, ब्रह्म तालाब का 5 किलोमीटर की नेचर ट्रेल के दौरान 80 से अधिक प्रजातियों को करीब से देखा और रोमांचित हुए। विद्यार्थियों ने प्रजातियों के नाम उनके आवास की जानकारी नोट बुक में दर्ज़ की और फोटो भी खींचे। तत्पश्चात ढंढ तालाब के पानी की गुणवत्ता जाँचने हेतु पानी का सैंपल भी लिया जिसे प्रयोगशाला में जाँचा जायेगा। डॉ नीतू पंवार ने बताया कि इस भ्रमण से छात्र छत्राओं को बहुत ही रोचक और नयी जानकारियां प्राप्त हुई जो उनके आगे के अध्ययन मुने लाभकारी सिद्ध होंगी.
इस दौरान डॉ नीतू पंवार, दर्शना दवे, अर्पिता मट्ठा, मोनिका शांडिल्य, पक्षी मित्र ललित मेनारिया उपस्थित रहे।








Users Today : 22