
शौर्य दिवस पर विशेष
उदयपुर | दिनांक अप्रैल 09, 2026 |जनमत मंच के द्वारा गुजरात के रण ऑफ कच्छ में सरदार पोस्ट पर सीआरपीएफ के सभी जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित कि गई जिन्होंने अपनी मातृभूमि की रक्षा के लिए अद्वितीय साहस और वीरता के साथ लड़ते हुए वीरगति को प्राप्त हुए ।
इस अवसर पर जनमत मंच के संस्थापक एवं अध्यक्ष डॉ. श्रीनिवास महावर ने बताया कि-
आज ही के दिन 1965 ई.को गुजरात के रण ऑफ कच्छ में सरदार पोस्ट पर सीआरपीएफ की मात्र दो कंपनियों द्वारा पाकिस्तान कि बड़ी सेना को परास्त कर असाधारण वीरता और अद्वितीय साहस का परिचय दिया था । डॉ. महावर ने बताया कि घटना कच्छ के रण में एक छोटे से युद्ध के रूप में शुरू हुई, जिसकी शुरुआत पाकिस्तान की ओर से की गई और जिसके तहत पाकिस्तान ने जम्मू- कश्मीर को भारत से बलपूर्वक हथियाने का प्रयास किया था लेकिन देखते देखते युद्ध ने विशाल रूप ले लिया।
जनमत मंच के सचिव शिरीष नाथ माथुर ने बताया कि कच्छ (गुजरात) के रण में सीआरपीएफ (CRPF) के जवानों द्वारा पाकिस्तान के ‘ऑपरेशन डेजर्ट हॉक’ को नाकाम करने के बाद, यूनाइटेड किंगडम (UK) की मध्यस्थता द्वारा समझौता हुआ था। इस संघर्ष को शांत करने के लिए 1 जुलाई 1965 को दोनों देशों के बीच आधिकारिक तौर पर युद्धविराम हुआ और समझौते पर हस्ताक्षर हुए।
इस अवसर पर सहायक आचार्य हेमंत कुमार डामोर, और धर्मेंद्र कुमार वर्मा, ने भी उन बहादुर सीआरपीएफ के जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की जिन्होंने अपनी मातृभूमिक लिए अपने प्राणों को न्योछावर कर दिया।
सहायक आचार्य आजाद मीणा ने बताया कि हमारे जांबाज सीआरपीएफ के जवानों ने
इस भीषण युद्ध में 34 पाकिस्तानी सैनिकों को मार गिराया और चार को जिंदा पकड़ लिया। लेकिन दुख की बात यह है कि इस युद्ध में हमारे सीआरपीएफ के 6 जवान भी वीरगति को प्राप्त हो गए। उनको हम सच्ची श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं।
इस युद्ध को भारत की सामरिक जीत और पाकिस्तान के उद्देश्यों की विफलता के रूप में देखा जा सकता है।








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