

आज दिनांक 28.1.25 को मावली गांव स्कूल में 2 दिवसीय ट्रेनिग प्रोग्राम परारंभिक बाल्यावस्था देखभाल एवम शिक्षा का आयोजन प्रारंभ किया गया।
ट्रेनिग का शुभारंभ ईस वंदना के साथ किया गया।
मावली ( नरेन्द्र त्रिपाठी)!सीडीपीओ सर विपुल जोशी द्वारा ट्रेनिग के बारे में जानकारी दी गई।वर्कर को बच्चो को खेल खेल के माध्यम से शिक्षा देना ,गतिविधि कराना बताया गया। मस्तिष्क का विकास 6साल की उम्र तक 85% हो जाता है।बच्चो के जितना अच्छा वातावरण मिलेगा उससे उतनी अधिक न्यूरोन की शाखाएं बनेगी और उनका कनेक्शन की अधिक कड़ियां बनेगी।
सीबीईओ सर प्रमोद सुथार द्वारा स्कूल द्वारा आगनवाड़ी में दी जाने वाली फेसेलिटी के बारे में जानकारी ली गई। कार्यकर्त्ता से उनकी समस्या के बारे में जानकारी ली गई।ईसीसीई के बारे में बताया गया।
महिला पर्यवेशक में रेखा देवरा द्वारा ईसीसीई के बारे में बताया गयाबच्चो के परंमभिक अवस्था में जो भी सिखाया जाता है वो ही उसे याद रहता हैं बच्चा एक कच्चे गड़े के समान है इसमें जितना चाहो उतना आप अच्छा बना सकते हो। 3से 6वर्ष के बच्चे आंगनवाड़ी में आते है उनका शारीरिक,भाषा विकास बौधिक,सामाजिक, रचनात्मक विकास इस उम् में होता है।
महिला पर्यवेशक लता सालवी द्वारा दैनिक दिनचर्या एवम् गतिविधि कार्नर के बारे में जानकारी दी गई।सामूहिक चर्चा,साप्ताहिक कैलेंडर,किलकारी,उमंग, तरंग के बारे में बताया गया।
प्रशिक्षण में
38आगनवाडी कार्यकर्ता द्वारा भाग लिया गया कार्यकर्त्ता द्वारा TLM (टीचर लर्निंग मटेरियल)चार्ट के माध्यम से बनाया गया।








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