













जुमते हुए शायराना परिवार रंगीन हुआ साहित्य रस में
उदयपुर,( नरेन्द्र त्रिपाठी)/ शायराना परिवार का दीपावली मिलन समारोह ऐश्वर्या कॉलेज में आयोजित किया गया । समारोह के मुख्य अतिथि रीजनल चीफ कंज़रवेशन ऑफिसर आर. के. जैन वन अधिकारी थे। अध्यक्षता सीमा सिंह मेनेजिंग डायरेक्टर ऐश्वर्या कॉलेज ने , समारोह के विशिष्ट अतिथि राष्ट्रकवि डॉ.राजकुमार राज , सेवानिर्वत तहसीलदार दयाराम सुथार ,संगीतकार सी पी गंधर्व रहे !
दीपावली मिलन समारोह के मुख्य सलाहकार महेन्द्र सिह चौधरी के अनुसार शायरान परिवार का समुह पिछले करीब 15 वर्ष से साहित्य और संगीत की सामाजिक सेवा के निःशुल्क कार्यक्रम निरतंर आयोजित कर साहित्य संगीत की प्रतिभाओ को खुला मंच देता आ रहा है।
कार्यक्रम प्रभारी सीनियर एकाउंट ऑफिसर हेमन्त सुर्यवंशी के अनुसार, शायराना परिवार विभिन्न जिलों से विविध विधाओ के कलाकारों ने दीपावली मिलन समारोह को याद गार बना दिया जिसमे कविता दोहे छंद मुर्किया लोकगीत उम्दा फिल्मी गीत के साथ अपनी कला को प्रस्तुत करने का अवसर दिया गया जिसमे बड़ी उत्साह से भाग लेकर कार्यक्रम को यादगार बना दिया !
मीडिया सलाहकार नरेन्द्र त्रिपाठी ने बताया कि शायराना परिवार कलाकारों को आगामी राज्य स्तरीय कार्यक्रमो में कला प्रस्तुत करने का एक अवसर देने के साथ ही उनकी कला को अनुभवियो द्वारा ओर निखारा जाता है । जिससे उन्हे कला संस्कृति से गहराई से जुड़ने का आधार मिल सके ! आगामी दिवस पर साहित्य सृजन को प्रकाशित किया जायेगा
समारोह में आये सभी सदस्यों का उपर्ना और पगड़ी से स्वागत और अभिनंदन किया गया !
समारोह की प्रस्तुति में संगीतकार
सी.पी. गंधर्व ने _ मुझे दर्द दिल का पता लगा , मुझे आज किस लिए मिल गये!
डॉ.राजकुमार राज – जब जब भी चांद निकला ओर तारे जग मगाये तुम आये।
लक्ष्मी जी _ जरा होले होले चलो मोरे साजना! ,
दयाराम सुथार _ जरा सुन हसीनाएं नाजनीन. मेरा दिल तुझी पर निसार हैं!
एच डी कौशल _ जन्म जन्म का साथ है ,निभाने को , सौ सौ बार मेने जन्म लिये!
महाराणा भूपाल चिकित्सालय के नर्सिंग ऑफिसर पवन पारिख _ जिधर देखु ,तेरी तस्वीर , नजर आती हैं!गुजरात से आई दिव्यानी शर्मा _ आयेंगे जब सजन !
समाजसेवी विनोद जैन चलते चलते ये गीत याद रखना
हेमंत सूर्यवंशी – जिन्दगी की यहीं रीत है, हार के बाद ही जीत है !
छगन खत्री – जरा सामने तो आवो छलिये!
सीमा सिंह – किस रोज में तड़पकर में इस दिल को थाम लूंगा !
मावली से आये कवि नरेन्द्र त्रिपाठी (काव्य पाठ) _ जिंदगी एक समुंदर है, उसमे बहुत बवंडर है!
राजकीय शिक्षाविद् क्विना मेरी _ याद ना जाये बीतें दिनों की !
ऑर्गन ट्रांसप्लांट प्रोग्राम कोऑर्डिनेटर उत्पल नरेश सिंह चौहान – तेरे मेरे सपने अब एक है !
और भी बहुत सी मन लुभावनी प्रस्तुतियां दी गई !
कार्यकम समन्वयक उत्पल नरेश सिंह चौहान के अनुसार हेमंत सूर्यवंशी, , अजीत सिंह खींची , डॉ. राजकुमार राज ,अशोक परियानी , नर्सिंग अधिकारी पवन पारिख , सुपरिंटेंडेंट इंजीनियर आर.पी ज़िंगर , शिक्षाविद डॉ हुक् म राज जोशी , जय आसवानी , सुरेश भट्ट , समाजसेवी विनोद जैन ,वरिष्ठ संवाददाता नरेन्द्र त्रिपाठी, शिक्षाविद दिनेश बोरीवाल , आर जे शमिल शेख, शिक्षाविद मनीष जोशी , अनु जोशी आदि समारोह में शामिल हुए !








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