

रूण्डेड़ा, 3 सितम्बर।”खिलाड़ी पसीने से नहीं, कीचड़ और दलदल से भीग रहे हैं… मैदान में खेल नहीं, बल्कि चोट और संघर्ष हो रहा है…”
राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय रूण्डेड़ा का खेल मैदान इन दिनों खिलाड़ियों की मेहनत और सरकार की लापरवाही की गवाही दे रहा है।
4 सितम्बर से शुरू होने वाले रग्बी और वॉलीबॉल टूर्नामेंट से पहले खिलाड़ी हर रोज मैदान पर पहुँच तो रहे हैं, लेकिन वहां उन्हें खेल का नहीं, बल्कि कीचड़, कांटेदार झाड़ियों और फिसलन भरी काई का सामना करना पड़ रहा है। सवाल उठता है कि क्या ऐसे मैदान से निकलकर कोई टीम जीत की मंज़िल छू सकती है?
मैदान या दलदल?
मैदान में इतना पानी और कीचड़ भरा है कि खिलाड़ी ठीक से दौड़ भी नहीं पा रहे। कांटे पैरों को घायल कर रहे हैं, कीचड़ कपड़ों को दागदार कर रहा है और काई पर फिसलकर खिलाड़ी बार-बार चोटिल हो रहे हैं।
करीब 70 लड़के-लड़कियां रोजाना इसी मैदान पर प्रैक्टिस कर रहे हैं, लेकिन यहां मेहनत का फल नहीं, बल्कि दर्द और निराशा ही मिल रही है।
खिलाड़ियों की बेबसी
रग्बी खिलाड़ी प्रियल मेनारिया का दर्द साफ झलकता है –
“हम पिछले एक महीने से इसी मैदान में प्रैक्टिस कर रहे हैं। कपड़े रोज खराब होते हैं, चोटें भी लगती हैं, लेकिन कहीं और जगह ही नहीं है। टूर्नामेंट सामने है, लेकिन तैयारी आधी-अधूरी रह गई। ऐसे हालात में जीत का भरोसा कैसे करें?”
टूटी गेंदें और बिखरे सपने
वॉलीबॉल खिलाड़ियों का दर्द अलग है। 12 वॉलीबॉल खराब हो चुकी हैं, जिनकी कीमत लगभग 8,500 रुपये है। टूटे-फूटे संसाधनों और दलदल भरे मैदान पर प्रैक्टिस करने वाले खिलाड़ी पूछ रहे हैं – क्या उनकी मेहनत का यही सिला है?
ग्रामीणों और अभिभावकों का गुस्सा
ग्रामीणों का कहना है कि मैदान सालों से उपेक्षित है। बरसात में तालाब बन जाता है और गर्मियों में मैदान बंजर। किसी भी सरकार या विभाग ने इसे सुधारने की कोशिश नहीं की। अभिभावकों का सवाल है कि जब खिलाड़ियों को ही बुनियादी सुविधा नहीं मिलेगी, तो उनसे जीत की उम्मीद किस आधार पर की जाएगी?
इनका कहना है :-
“पिछले कई वर्षों से इस खेल मैदान में टूर्नामेंट आयोजित होते आ रहे थे, लेकिन पिछले कुछ समय से इन्हें बंद कर दिया गया है। कारण यह है कि मैदान को ठीक करने में काफी खर्चा आता है, जिसे पहले हम सब मिलकर इकठ्ठा करके करवाते थे। अगर मैदान सही स्थिति में हो तो यहां आए दिन बड़े-बड़े टूर्नामेंट कराए जा सकते हैं।”
मुकेश कुमार मेनारिया
खेल प्रेमी, रूण्डेड़ा
इनका कहना है :- “खेल मैदान में पहले भी कार्य करवाया गया था। विद्यालय की ओर से मिट्टी भरवाने का प्रस्ताव आया था, जिसके आधार पर मिट्टी डलवाकर मैदान को समतल किया गया था। वर्तमान स्थिति को देखते हुए नया प्रस्ताव तैयार किया जाएगा और जल्द से जल्द भेजा जाएगा, ताकि इसका स्थायी समाधान निकल सके।”
कालूलाल मेनारिया प्रशासक, ग्राम पंचायत रूण्डेड़ा








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