


बच्चों को संस्कारित , एवं सर्वाधिक अंक लाने वाले विद्यार्थियों का सम्मान किया गया
,स्कूलों में जजर्र भवनों की स्थिति को लेकर किया मंथन
मावली क्षेत्र के डबोक ग्राम पंचायत में स्थित डबोक के गीतांजलि टेक्नीकल इंस्टीट्यूट ऑफ स्टडीज के सभागार में चल रही दो दिवसीय प्राचार्य वाक्पीठ का शनिवार को समापन किया गया।
मावली (नरेन्द्र त्रिपाठी)!मावली एवं खेमली ब्लाॅक के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालयों के प्राचार्यों की उक्त वाक्पीठ के अंतिम दिन आज प्रातःकालीन सत्र में गायत्री शक्तिपीठ के संभाग संयोजक अर्जुन सनाढ्य ने वार्ता के जरिए बताया कि शिक्षक बच्चों के भविष्य का निर्माता है। समय का सदुपयोग करें तथा बच्चों को कुछ प्रदान करें। बच्चों को संस्कारित करने में हम कोई कसर नहीं रखें। सनातन संस्कृति को आगे बढ़ाने में अपनी भागीदारी निभाएं। विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा के लिए प्रेरित करें ताकि वह भारतीय संस्कृति से रूबरू हो सके। उन्होने बताया कि इस परीक्षा में 56 हजार बच्चों ने भाग लिया जिससे उदयपुर जिले का भारत भर में चतुर्थ स्थान रहा। इसी प्रकार से डाॅ.यशवंत आमेटा ने अहिंसात्मक संप्रेषण एवं सुगमकर्ता शिक्षक विषयक वार्ता प्रस्तुत की तथा बताया कि इससे हमारे जीवन में सकारात्मक परिणाम सामने आते हैं। हिन्दुस्थान स्काउट गाइड के संभागीय कमिश्नर गोपाल मेहता मेनारिया ने स्काउटिंग गतिविधियों की जानकारी से अवगत कराते हुए बच्चों को इससे लाभान्वित करते हुए हर जगह स्वयंसेवक के रूप में बालक-बालिकाओं को तैयार करने का आह्वान किया। रेसा पी के जिलाध्यक्ष मनीष सोनी ने भी वार्ता प्रस्तुत की। वाक्पीठ समापन समारोह के मुख्य अतिथि देहात जिला कांग्रेस कमेटी के जिला महासचिव श्यामलाल आमेटा,प्रगतिशील शिक्षक संघ के प्रदेश सभाध्यक्ष धुलीराम डांगी,अतिरिक्त ब्लाॅक शिक्षा अधिकारी प्रकाशचन्द्र चैधरी,आरपी पंकज जोशी आदि ने भी विचार व्यक्त किए। समापन कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए मुख्य ब्लाॅक शिक्षा अधिकारी प्रमोद कुमार सुथार ने वाक्पीठ कार्यक्रम में मौजूद सभी प्राचार्यों से जर्जर भवनों की जानकारी मय एसडीएमसी प्रस्ताव एवं फोटो के सोमवार तक सीबीईओ कार्यालय भिजवाने को कहा ताकि जर्जर भवनों की जानकारी से आगे अवगत कराकर अग्रिम कार्यवाही की जा सके। संस्था प्रधानों ने इंजीनियर के जरिए अवलोकन करवाकर जर्जर भवनों को चिन्हित किए जाने का आग्रह किया। राजस्थान अम्बेडकर शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष खेमराज कड़ेला, राजस्थान शिक्षक संघ (अंबेडकर ) सरंक्षक पूर्व प्रदेश महामंत्री सुरेश कुमार देशबंधु,वाक्पीठ की पूर्व सभापति आशा सोनी आदि मंचासीन अतिथि थे। समापन अवसर पर बोर्ड परीक्षाओं में श्रेष्ठ अंक प्राप्त करने वाले प्रतिभावान बच्चों को सम्मानित किया गया। इन बच्चों के अभिभावकों को भी सम्मानित किया गया। बच्चों ने अपने विचार भी व्यक्त करते हुए अपनी सफलता के पीछे की पृष्ठभूमि को बयां किया। कार्यक्रम का संचालन सभाध्यक्ष मोहनलाल स्वर्णकार ने किया जबकि अतिथि स्वागत वाक्पीठ अध्यक्ष उमेश माहेश्वरी,प्रदीपसिंह नेगी,राजेन्द्रसिंह डलावत,मनोज समदानी,दिनेशसिंह,शक्तिसिंह रावल,दीपक तलेसरा,भूपेन्द्र कौर,भानसिंह,मीठालाल लौहार सहित कार्यकारिणी सदस्यों द्वारा किया गया। आभार एवं धन्यवाद ज्ञापन वाक्पीठ सचिव प्रदीपसिंह नेगी ने ज्ञापित किया। दूसरे दिन की शुरूआत में ही आज जर्जर स्कूल भवन के कक्षा कक्षा के गिरने से मृत छात्रों को दो मिनिट का मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की गई।







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