

भगवान शिव-पार्वती विवाह, गोपेश्वर महादेव व हनुमान अवतार की कथा सुन भावविभोर हुए श्रद्धालु
कथा के दौरान भजनो पर शिव भक्तगण खूब झूमें, भोलेनाथ के जयकारों से पंडाल हुआ गुंजायमान
वल्लभनगर, (कन्हैयालाल मेनारिया बासड़ा)। उपखण्ड क्षेत्र की ग्राम पंचायत रूण्डेड़ा के मेनारिया समाज के नोहरे में आयोजित चार दिवसीय शिवमहापुराण कथा के अंतिम दिन धार्मिक उत्साह और भक्ति भाव का अद्भुत संगम देखने को मिला। कथा के चौथे दिन कथाव्यास पंडित माणकचंद मेनारिया ने श्रद्धालुओं को गोपेश्वर महादेव, भगवान शिव-पार्वती विवाह, भगवान गणपति एवं कार्तिकेय जन्म, हनुमान अवतार, गणेशजी के विवाह के प्रसंग में कार्तिकेय के क्रॉच पर्वत पर जाने तथा महादेव के नारी रूप धारण कर गोकुल पधारने जैसे रोचक और प्रेरक प्रसंगों का भावपूर्ण वर्णन किया। कथावाचक के मुखारविंद से कथा श्रवण करते हुए उपस्थित श्रद्धालु भक्ति रस में डूब गए और कथा के प्रसंगों के दौरान भावविभोर होकर जयघोष से पुरा पंडाल गूंज उठा। कथा श्रवण हेतु रूण्डेड़ा, मेनार, गवारड़ी, खरसान, पानेरियो की मादड़ी, छपरा, अगोरिया, बडगांव, उदयपुर सहित आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। पूरा वातावरण हर हर महादेव के जयकारों से गुंजायमान हो उठा। पुरे आयोजन में कार्यकर्ताओं ने बिजली, पानी, प्रसाद वितरण, पार्किंग एवं अन्य व्यवस्थाओं का उत्कृष्ट संचालन किया।
कथावाचक माणकचंद मेनारिया ने बताया कि भगवान शिव ही सृष्टि के मूल आधार हैं। उन्होंने गोपेश्वर महादेव की कथा सुनाई कि किस प्रकार श्रीकृष्ण की गोपी लीला के दर्शन हेतु स्वयं महादेव गोपी वेश में गोकुल पधारे और गोपेश्वर रूप में पूजनीय बने। इस प्रसंग ने भक्तों को गहरे भक्ति भाव से भर दिया। इसके बाद हनुमान अवतार का रहस्यमय प्रसंग सुनाते हुए उन्होंने बताया कि हनुमान जी जब छोटे थे तब उन्हें भूख काफी लगती थी, बाल्यावस्था में ज़ब हनुमान जी को काफी भूख लग रही थी तो उन्होंने सूर्य को अपने मुंह में ले लिया, उसके बाद सूर्य देवता को ही अपना गुरु बनाया। वही भगवान शंकर ने श्रीराम के सेवक रूप में हनुमान जी के रूप में अवतार लिया, ताकि मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम की सेवा कर सकें और भक्त एवं ईश्वर के अटूट संबंध को प्रकट कर सकें।
कथा में आगे भगवान गणेश के विवाह प्रसंग का भी उल्लेख हुआ। जब कार्तिकेय परिक्रमा करके लौटे तब तक गणेशजी का विवाह हो गया तो उनके भाई कार्तिकेय अप्रसन्न होकर क्रौंच पर्वत पर गए थे, जो कि उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में स्थित है। क्रौंच पर्वत पर ही भगवान कार्तिकेय को समर्पित कार्तिक स्वामी मंदिर है। इस प्रसंग ने परिवार में आपसी स्नेह, सौहार्द और भाईचारे का संदेश दिया। अंत में पंडितजी ने भगवान शिव के नारी रूप धारण कर गोकुल पधारने की दिव्य कथा का वर्णन किया, जिसमें उन्होंने बताया कि महादेव ने स्वयं नारी रूप में जाकर श्रीकृष्ण बाल रूप के दर्शन किए। यह प्रसंग करुणा, प्रेम और समर्पण का अद्भुत उदाहरण प्रस्तुत करता है। बीच में कथा वाचक ने राम आएंगे तो अंगना सजाऊंगी, घुमा दे मारा बालाजी घमर घमर घोटो सहित अन्य भक्ति गीतों से पुरे में वातावरण में भक्ति का रस गोल दिया।
कथा का पुरा आयोजन मंशापूर्ण महादेव व्रतधारियों के सहयोग से हुआ
मोतीलाल भट्ट ,लक्ष्मी लाल मेघावत, गोपी लाल मेनारिया ने बताया कि यह आयोजन मंशापूर्ण महादेव व्रतधारियों की ओर से किया गया, जिसमें चार दिनों तक गांव में भक्ति, ज्ञान और भजन संध्या का क्रम चलता रहा। श्रद्धालुओं ने कथा के बीच भक्ति गीतों पर उत्साहपूर्वक नृत्य किया और धार्मिक उल्लास का आनंद लिया। चार दिवसीय कथा के दौरान तीन दिन तक भक्तों की ओर से प्रसाद वितरण की व्यवस्था रही, जबकि एक दिन का प्रसाद मंशापूर्ण महादेव व्रतधारियों की ओर से रखा गया। इस बीच, मांगू गिरी गोस्वामी (छपरा) ने मेनारिया समाज के नोहरे के विकास के लिए ₹21,000 की सहयोग राशि भेंट कर समाज सेवा की मिसाल पेश की।
अंतिम दिन महा आरती व प्रसाद वितरण के साथ कथा का समापन हुआ। आयोजन में मुख्य रूप से उदयलाल भट्ट, पूर्व उपप्रधान मोहनलाल मेनारिया, गोपीलाल मेनारिया, गणेशलाल छपन्या, केसरीमल भट्ट, गोपाल हरजोत, रामचंद्र मेनारिया, पप्पू भट्ट, जगदीश गुड्डा हरजोत, बद्रीलाल मेनारिया, उमेश अकावत, कमलेश मेनारिया, मुकेश मेनारिया, सूरज हिमावत, शंकरलाल गायरी, मांगीलाल लोहार, पुष्कर हरजोत, रामेश्वरलाल तोलावत सहित कई कार्यकर्ता सक्रिय रहे।
कथा के समापन पर ग्रामीणों ने कथावाचक पंडित माणकचंद मेनारिया का मेवाड़ी परंपरा अनुसार लाल पाग, तिलक एवं उपरणा से स्वागत-सम्मान किया। इसके साथ ही म्यूजिशियन, सहयोगी गायक, ढोलक वादक एवं अन्य सहयोगियों को भी सम्मानित किया गया। चार दिन तक चले इस आयोजन ने पूरे क्षेत्र में भक्ति और शिवत्व की भावना का संचार किया।
कथा समापन पर यह रहे अतिथि उपस्थिति
कथा के समापन अवसर पर विशेष अतिथि के रूप में बार अध्यक्ष रमेश सांगावत, सेवानिवृत्त सहायक कृषि अधिकारी मांगू गिरी गोस्वामी (छपरा), अतिरिक्त ब्लॉक शिक्षा अधिकारी गोपाल मेनारिया, रिटायर्ड एसआई लक्ष्मीलाल मेनारिया, अखिल भारतीय मेनारिया ब्राह्मण समाज निर्माण समिति अध्यक्ष अंबालाल मेनारिया, राष्ट्रीय कार्यकारिणी गिर्वा ज़ोन उपाध्यक्ष अर्जुन मेहता, अधिवक्ता सुरेशचंद्र मेनारिया, पूर्व सरपंच सोहनलाल मेनारिया, पूर्व सरपंच बद्रीलाल हरजोत, सेवानिवृत वनपाल गोपीलाल हिमावत, शिक्षक प्रेमशंकर हरजोत, जगदीश हरजोत, शिक्षक ईश्वरलाल मेनारिया (खरसान), देवीलाल शेरा, मांगीलाल हिमावत, बंशीलाल लोहार, केसरीमल हरजोत, गणपत हरजोत, ओंकारलाल हरजोत सहित अनेक गणमान्य जन उपस्थित रहे। सभी अतिथियों का ग्रामीणों द्वारा सम्मान किया गया।








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