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चंद्रगिरी पर मुनि सवेंग नंदी जी के चरण पादुकाएं प्रतिष्ठापित

खैरवाड़ा। चन्द्रगीरी पर चरण स्थापित कर पूजन करते। फोटो धरणेन्द्र जैन

खैरवाड़ा (धरणेन्द्र जैन)।  मुनि संवेग़ नंदी जी महाराज की चरण पादुकाएं  गुणमाला देवी सूरजमल पंचोली परिवार ऋषभदेव की ओर से चंद्रगिरी स्थित नव निर्मित छतरी में प्रतिष्ठाचार्य सुधीर जी मार्तंड के मुखारबिंद से मंत्रोच्चार द्वारा विधि विधान से प्रतिष्ठापित गई। यह जानकारी देते हुए पंचोली परामार्थिक ट्रस्ट के अध्यक्ष सिद्धार्थ पंचोली ने बताया मुनि संवेग नंदी जी का समाधि मरण झारखंड राज्य के सम्मेद शिखर में हुआ था। प्रातः काल में विद्वान प्रतिष्ठाचार्य सुधीर मार्तंड के निर्देशन में शांति विधान हुआ एवं महावीर नगर से शोभायात्रा बैंड बाजों के साथ पटुना चौक, नेहरू बाजार, धर्मशाला होते हुए चंद्रगिरी पहुंची जहा रास्ते में सभी भक्त नचाते गाते झूमते हुए जयकारा लगाते हुए चंद्र गिरी पहुंचे, जहा नव निर्मित चरण छतरी पर विधि विधान से मुनिराज सवेंगनंदी की चरण पादुकाएं स्थापित की गई।  सभी भक्तो ने चरणों पर श्रीफल चढ़ाकर गुलाब के फूलों की पुष्प वृष्टि की। इस मौके पर उनके परम भक्त डूंगरपुर निवासी अजब कुमार नोगामा एवम ज्योत्सना नोगामा का शाल ओढ़ाकर, पगड़ी पहनाकर सम्मानित किया। इस मौके पर समाज के सेठ राजमल कोठारी, अध्यक्ष भूपेंद्र कुमार जैन, धर्म मंत्री मुकेश गांधी, तीर्थ रक्षा कमेटी के अध्यक्ष रमेश मेहता, उपाध्यक्ष जय प्रकाश सिसपुरिया, पंचोली ट्रस्ट के पीयूष पंचोली, पारस पंचोली, पत्रकार धरणेन्द्र जैन, प्रेरक पंचोली , गुणमाला पंचोली, दीपाली ,विशल्या , शिखा पंचोली, महिला मंडल की अध्यक्ष महालक्ष्मी पंचोली, महामंत्री मंजू भंवरा,  ऋषभ क्लब के सुंदर लाल भाणावत, सतीश भाणावत, महावीर गंगावत, राकेश
वाणावत ,भानु गणोदिया, प्राण भाणावत ,सुरेश भूलावत, दिलीप भाणावत, जय प्रकाश वानावत, सलिल बारोदिया, सतीश गांधी, गनधर दोवड़िया, धरणेन्द्र दोवाडिया, कुलदीप वानावत, विजय लक्ष्मी सहित सैकड़ों समाज जन उपस्थित थे। बाद में स्वामिवात्सलय महाप्रसादि का आयोजन किया गया।

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