दूर दूर से आते है श्रद्धालु, होती है मुरादें पूरी

खैरवाड़ा। धरणेन्द्र जैन। श्री रुद्राणी महाकालिका शक्तिपीठ(किले वाली माता मंदीर) राजस्थान के उदयपुर जिले की खैरवाडा तहसील मुख्यालय पर स्थित हैं। अनंत इच्छा चक्र की अपेक्षाएं लिए अपनी मन्नते मांगने जनसामान्य किले वाली माता के द्वार लंबी कतारों में अभिलाषा के साथ खड़ा रहता हैं। किले वाली माता वरदाता की पूरक हैं। मान्यता हैं की किले वाली माता से सच्चे मन से जो भी मांगते हैं, वह सब कुछ देती है। पुत्र-पौत्र, धन-धान्य, सुख-संपदा एवं स्वास्थ्य की मन्नतें फलीभूत करने वाली माता अटूट श्रद्धा एवं विश्वास का केंद्र बिंदु हैं। शारदीय नवरात्रि महोत्सव के पावन पर्व पर पूरे कस्बेवासियों का, कुवैत प्रवासियों का और गुजरात, मध्यप्रदेश,महाराष्ट्र दूर दराज के मां प्रेमी भक्तों का सहयोग इनकी मान्यता का प्रत्यक्ष उदाहरण हैं। इच्छापूर्णी माता के दर्शन मात्र से ही जनसामान्य के दुख-दर्द एवं विपदा का अंत हो जाता हैं। यह मंदीर एक गुफा पर निर्मित है जिसमें माता की सवारी सिंह रहने की चर्चा आबाल वृद्ध करते है। भोलेनाथ का प्रतीक इच्छाधारी सर्प यहाँ प्रत्येक रविवार और नवरात्रि में माता के दर्शनों को आता है जिसके कई कस्बेवासी गवाह हैं। यहां के पीठाधीश्वर महंत भारत भूषण महाराज द्वारा अद्भुत तपस्या, अविश्वसनीय साधना की चहुं ओर चर्चा हैं। मां का आकर्षक श्रृंगार मनमोहक हैं। वासंतिक नवरात्रि पर मां की अनुकंपा प्राप्त करने किले मंदिर पर दर्शन-पूजन-गरबा रास से स्तवन करने श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ रहा है।








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