
3 फरवरी से 5 फरवरी तक विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम होंगे, 4 को ठाकुरजी को धराया जाएगा 56 भोग
वल्लभनगर ( कन्हैयालाल मेनारिया बासड़ा) ! मेहतागढ़ मेनार में ओंकारेश्वर चौक स्थित प्राचीन श्री चारभुजानाथ जी मंदिर का द्वितीय पाटोत्सव विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों के साथ 5 फरवरी को आयोजित किया जाएगा। जिसको लेकर 3 फरवरी से तीन दिवसीय धार्मिक आयोजन होंगे। कार्यक्रम को लेकर गांव में उत्साह का माहौल है। इस कार्यक्रम को लेकर निमंत्रण पत्रिका देने का कार्य जारी है। वरिष्ठ अधिवक्ता हुक्मीचंद सांगावत ने बताया कि शुक्रवार को मेनार ग्रामवासी वल्लभनगर जोन के विभिन्न गांवो में पहुँच निमंत्रण दिए।
निमंत्रण पत्रिका देने हेतु शुक्रवार सुबह 9 बजे सभी ग्रामीण थंब चौक पर एकत्रित हुए, ततपश्चात थंब चौक से सभी ग्रामीण रुण्डेड़ा गांव पहुँचे, जहाँ श्री लक्ष्मीनारायण जी मंदिर पर ब्राह्मण समाज, जणवा मंदिर पर जणवा समाज व ठाकुरजी बड़े मंदिर पर जाट समाज, जैन समाज को पीले चावल रखकर निमंत्रण पत्र दिया गया। उसके बाद रुण्डेड़ा से इंटाली, रोहिड़ा, चौकड़ी, चौरवड़ी, निलोद, फतहनगर होते हुए गवारड़ी पहुँच ठाकुरजी के श्रीचरणों में पीले चावल रख सभी ग्रामीणों को निमंत्रण पत्रिका दी गई। जिस पर समस्त ग्रामवासियों ने निमंत्रण स्वीकार किया। इस धार्मिक आयोजन को लेकर ग्रामीण उत्साहित हैं तथा मंदिर की साफ सफाई सहित परिसर का सफाई कार्य जारी है। निमंत्रण देने में वरिष्ठ अधिवक्ता हुक्मीचंद सांगावत, विजयलाल एकलिंगदासोत, मांगीलाल सिंगावत, मोतीलाल एकलिंगदासोत, अर्जुनलाल दौलावत, मांगीलाल लुणावत, भीमलाल मेरावत, कालूलाल ठाकरोत, मांगीलाल दावोत, मोहनलाल मेरावत, प्रेमशंकर रामावत, भेरुलाल दियावत, कन्हैयालाल दियावत, शान्तिलाल मेरावत, रमेश उदावत, बंशीलाल मानावत, सुरेशचंद्र मेनारिया सहित अन्य थे।
यह है कार्यक्रम
ग्रामीणों ने बताया कि 3 फरवरी को भव्य भजन संध्या, 4 फरवरी को सुबह ठाकुरजी को वागा धराया जाएगा, उसके बाद अम्बामाताजी, कालिका माताजी को वेश धारण कराए जाएंगे। साथ ही 5 फरवरी को सुबह मधुश्यामजी मंदिर परिसर में पंडित के सानिध्य में हवन अनुष्ठान शुरू होगा, जिसकी पूर्णाहुति दोपहर अभिजीत मुहूर्त में होगी। वही सुबह 9.30 बजे से कलश एवं शोभायात्रा निकाली जाएगी, जिसमें मेनार सहित आसपास के श्रद्धालु शामिल होंगे, और इस कलश यात्रा में श्रद्धालु धोती, कुर्ता एवं लाल पाग में शामिल होंगे, तत्पश्चात दोपहर 2.30 बजे से महाप्रसादी का आयोजन शुरू होगा, जो देर रात तक चलेगा और महाप्रसादी के साथ ही तीन दिवसीय कार्यक्रम का समापन होगा।








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