
मंत्रोच्चार से गूंज उठा कांच का नोहरा
धरणेन्द्र जैन
खैरवाड़ा। समीपस्थ ऋषभदेव नगर में स्थित कांच के मंदिर में विराजित आर्यिका प्रज्ञा श्री माताजी एवं आर्यिका सुज्ञान श्री माताजी के सानिध्य दो दिवसीय महामृत्युजय विधान संपन्न हुआ। इस मौके पर आर्यिका प्रज्ञा श्री माताजी ने बताया कि महामृत्युंजय विधान सभी ग्रहों की शांति करता है, जीवन में अपघात दुर्घटना योग से बचाता है, समस्त प्रकार की बीमारियां इससे ठीक होती है और मृत्यु से विजय प्राप्त करने का अवसर प्राप्त होता है। आर्यिका सुज्ञान श्री माताजी ने बताया इस विधान में विशेष रूप से चंद्र प्रभु भगवान की आराधना की जाती है। दिगंबर जैन समाज के अध्यक्ष भूपेंद्र कुमार जैन ने बताया कि सुरेश कोठारी परिवार ने ध्वजारोहणकर विधान का आगाज किया। सौधर्म इंद्र नगर सेठ राजमल कोठारी ने अभिषेक और शांति धारा की। कुबेर इंद्र बने विख्यात कवि गुरु भक्त बलवंत बल्लू ने शुद्ध रत्नों की वर्षा कर पुष्प वृष्टि की। महायज्ञ नायक सिद्धार्थ पंचोली, ईशान इंद्र भूपेंद्र कुमार वालावत, माहेन्द्र शांति लाल नागदा सहित 108 इंद्रो ने महा मंडप पर श्रीफल नेवेध पुष्प चढ़ाकर1251अर्घ्य समर्पित किए। सभी इंद्रो ने नव देवताओं चंद्र प्रभु भगवान की पूजा अर्चना की। विधान की आरती के पुण्यर्जक सोनल निखिल हिम्मतनगर को मिला। पंडित रमेश भंवरा ने मंत्रोचारण कर सभी इन्द्रो द्वारा विश्व शांति के लिए आहुति दी। इस मौके पर युगल आर्यिका माताजी द्वारा रचित सिद्ध चक्र विधान मंत्र संहिता पुस्तक का संघपति विमल चिबोडिया ,हिम्मतनगर समाज के अध्यक्ष नितिन भाई कोटडिया, मुंबई से परेश भाई, देवांग भाई , प्रतिक्षा दीदी ने विमोचन किया। समारोह में समाज के महामंत्री हेमंत भंवरा, धर्म मंत्री मुकेश गांधी, निर्माण मंत्री नरेंद्र कुमार किकावत, वित्त मंत्री बसंती लाल भंवरा, महिला मंडल अध्यक्ष महा लक्ष्मी पंचोली, वित्तमंत्री लक्ष्मी कीकावत, धर्म मंत्री उषा भंवरा, महावीर पंचोली, महान विद्वान अधिकारी महावीर कोठारी, उर्मिला गंगावत, पुष्पा वानावत, स्नेह लता वानावत, सुभद्रा वानावत, दीपाली पंचोली, रीना दोवाडिया, पूनम भाणावत,
मुन्ना भंवरा सहित हिम्मतनगर ,उदयपुर, मुंबई, देवपुरा, विजयनगर के समाज जन उपस्थित थे।








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