दुराग्रह से विषमता,विग्रह और अव्यवस्था का जन्म होता है-जिनेन्द्रमुनि मसा
गोगुन्दा ( कांतिलाल मांडोत) ! श्री वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ तरपाल के भवन में जिनेन्द्रमुनि मसा ने कहा कि धर्म स्नेह,सद्भाव से जीने का संदेश देता है।जो पारस्परिक स्नेह सद्भाव को समाप्त कर दे,वह धर्म नही है।साम्प्रदायिक कटटर ताये दुराग्रह को पैदा करती है।विषमता ,विग्रह,कषाय एवं संकीर्णता में धर्म नही है।इससे मुक्त होने पर … Read more
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