मानव चरित्र का निर्माण उसके दष्टि कोण पर निर्भर करता है।
सर्वाधिक महत्व पूर्ण है व्यक्ति का दृष्टि कोण जैसा व्यक्ति का दृष्टिकोण होगा उसका चरित्र वैसा ही बनता जाएगा। अतः मानव को अपने सच्चरित्र का निर्माण करने के लिये सर्व प्रथम अपने दृष्टिकोण में परिवर्तन करना चाहिये। जीवन मात्र तुच्छ अर्थोमें व्यय होकर हर जाए तो वह जीवन का दुरुपयोग ही होगा। दृष्टि कोण बदलने … Read more
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