व्यग्रता ने मानव को अशान्त और उद्वेलित बना कर रख दिया है
व्यग्रता एक मानसिक व्याधि है जो मानव को अशान्त और उद्वेलित बना कर रख देती है। आज यह व्याधि महामारी की तरह पूरे विश्व में फैलती जारही है । मानव मस्तिष्क कल्पनाओं का समुद्र है। कल्पनाओं की लहरे उसमें निरन्तर उठती रहती है। यह मानव की योग्यता पर आधारित है कि वह कौन सी कल्पना … Read more
Users Today : 3