नर से नारायण पाषाण से परमात्मा की यात्रा का नाम है “मेरी भावना”
खैरवाड़ा (धरणेन्द्र जैन)।भारत वर्ष में अनेकानेक दिव्य महापुरुषों ने समय समय पर जन्म लेकर लोगों में नव चेतना का संचार किया है। जैन धर्म दर्शन के प्रख्यात लेखक विद्वान कवि स्वर्गीय जुगल किशोर जी मुख्तार “युगवीर” कालजयी रचना ” मेरी भावना” जीवन को जीवंत करने वाला जीवन शास्त्र है। मेरी भावना में “सर्वे भवन्तु सुखिन … Read more
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