जो घर पर या घाट पर नहीं रहता है वह न घर का न घाट का हो जाएगा
खैरवाड़ा (धरणेन्द्र जैन)।श्री राम मंदिर सत्संग सभा गार में दिव्य राम कथा के नौवे दिन गाजियाबाद के प्रसिद्ध कथा वाचक श्री वीरेंद्र शास्त्री ने राम का वनवास तथा के केवट का भाग्य का रोचक प्रसंग का वर्णन किया। दिव्य राम कथा के प्रवक्ता श्री जगदीश व्यास के अनुसार शबरी आजीवन घर में रही और केवट … Read more
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