

साहित्य एवं संगीत समाज की आत्मा हैं -डॉ शास्त्री
उदयपुर। ‘शायराना उदयपुर’ का मासिक मिलन समारोह ऐश्वर्या कॉलेज में गरिमामय वातावरण में आयोजित किया गया, जिसमें साहित्य, संगीत और शायरी का अद्भुत संगम देखने को मिला।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भाजपा आपदा राहत विभाग राजस्थान के प्रदेश संयोजक राजस्थान गौरव पुरस्कार से सम्मानित डॉ. जिनेन्द्र शास्त्री थे डॉ शास्त्री ने कहा की साहित्य एवं संगीत को समाज की आत्मा बताते हुए युवाओं को इससे जुड़ने का आह्वान किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता अतिरिक्त विकास अधिकारी लोकेश वैष्णव ने की। उन्होंने ‘शायराना उदयपुर’ परिवार को समाज सेवा का एक अनूठा मंच बताते हुए समाज में संगीत एवं साहित्य के महत्व पर प्रकाश डाला।
विशिष्ट अतिथियों के रूप में हितेश राज पुरोहित, सीनियर नर्सिंग ऑफिसर छगन खत्री एवं सी.पी. गंधर्व की गरिमामयी उपस्थिति रही।
कार्यक्रम का संचालन सी.पी. गंधर्व ने कुशलतापूर्वक किया। इस अवसर पर शहर के दिवंगत साहित्यकार स्वर्गीय श्री ब्रजमोहन जावला जी को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। उनके साहित्यिक योगदान को स्मरण करते हुए उनके परिजनों को ‘शायराना उदयपुर’ की ओर से स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में लोकगीत, फिल्मी गीत, ग़ज़ल, शायरी एवं देशभक्ति गीतों की प्रस्तुतियों ने माहौल को उत्साह और ऊर्जा से भर दिया। मावली से पधारे दिनेश बोरिवाल एवं नरेंद्र त्रिपाठी ने देश भक्ति पर विशेष कविता प्रस्तुत कर सभी को भाव-विभोर कर दिया।
इस अवसर पर हेमंत पालीवाल (ग्रामीण विकास अधिकारी), आयुर्वेदिक नर्सिंग ऑफिसर नरेंद्र शर्मा, सी.पी. गंधर्व, देवयानी शर्मा, छगन खत्री, शमील शेख, गुलज़ार चित्तौड़गढ़ी, अशोक परयानी, आयेंद्र जावलिया, अलका पारीक, शिक्षाविद अजय राठौड़, चंपत मिस्त्री, भीलवाड़ा से पधारे मुकेश परवाना, समाजसेवी निशित चपलोत, उत्पल नरेश राजौरिया, अनु जोशी, अजीत सिंह खींची सहित अनेक प्रतिभाओं ने गीत, ग़ज़ल, छंद, दोहे, शायरी एवं लोकगीत प्रस्तुत कर समां बांध दिया।
कार्यक्रम का समापन आभार प्रदर्शन के साथ हुआ, जिसमें आयोजकों ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का धन्यवाद ज्ञापित किया।
8 अप्रैल को होगा संभागीय साहित्यकार मिलन समारोह
‘शायराना उदयपुर’ परिवार की ओर से आगामी 8 अप्रैल को ऐश्वर्या कॉलेज में संभागीय स्तर का साहित्यकार मिलन समारोह आयोजित किया जाएगा। इस आयोजन में कोई भी इच्छुक व्यक्ति निःशुल्क अपनी रचनाओं की प्रस्तुति दे सकता है। आयोजकों ने अधिक से अधिक साहित्य प्रेमियों से इसमें भाग लेने का आह्वान किया गया !








Users Today : 0