
तीन दिवसीय मेला शुरू, 300 से अधिक प्लॉट आवंटित किए, 35 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन कल 50 साल पूरे
भींडर, (कन्हैया लाल मेनारिया बासड़ा),बांसडा। उदयपुर जिले ग्राम बांसड़ा में तीन दिवसीय ऐतिहासिक मेला 50 वर्ष पूरे होने पर इस बार “स्वर्णिम मेला महोत्सव” के रूप में शुरू हुआ। उद्घाटन महाराणा प्रताप शिक्षण संस्थान भींडर के निदेशक डॉ. राजेंद्र मेनारिया ने किया।
मेला स्थल के हनुमान मंदिर को आकर्षक रोशनी से सजाया गया है। चबूतरे पर हनुमानजी की भव्य तस्वीर लगाई गई है। मंदिर से मेला ग्राउंड तक सजावट की गई है। गांव के अन्य मंदिर भी सजाए गए हैं। पूरा बांसड़ा भगवा रंग में रंगा नजर आ रहा है। शुभारंभ से पहले शोभायात्रा निकली। बजरंगबली की प्रतिमा को गाजे-बाजे, ढोल-नगाड़ों, भजन-कीर्तन के साथ मंदिर से मेला स्थल तक लाया गया। बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए। लोग नाचते-गाते चले। माहौल में भक्ति और उल्लास दिखा।
मेले की पूर्व संध्या पर श्री मंशा पूर्ण महादेव मंडल ने सुंदरकांड पाठ कराया। श्रद्धालु बड़ी संख्या में पहुंचे। मेले के तीनों दिन भजन संध्या होगी। 26 मार्च को भारत मेनारिया और तृषा सुधार ने प्रस्तुति दी। 27 मार्च को लेहरु दास वैष्णव आएंगे। 28 मार्च को मधुबाला राव भजनों से श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध करेंगी। श्रद्धालुओं और दुकानदारों
के लिए निशुल्क पानी और बिजली की व्यवस्था की गई है। विद्यार्थियों के लिए भी विशेष सुविधाएं रखी गई हैं। इस बार इनामी योजना भी है। मुख्य इनाम ब्रेजा कार है। लोगों में इसे लेकर खास उत्साह है।
मेला स्थल पर 300 से अधिक प्लॉट आवंटित किए गए हैं। यहां अलग-अलग तरह की दुकानें सज गई हैं। मनोरंजन के लिए चकरी,
छोटे-बड़े झूले डॉलर और अन्य साधन लगाए गए हैं। बच्चों और युवाओं में उत्साह दिख रहा है।
नवरात्रि के उपलक्ष्य में 35 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन भी मुख्य आकर्षण रहेगा। भगवान श्रीराम द्वारा अग्निबाण से रावण वध का मंचन होगा। मेले के संचालन में युवा टीम सक्रिय है। सहित अन्य युवा व्यवस्थाएं संभाल रहे हैं। मेला अध्यक्ष मदन मेनारिया निगरानी कर रहे हैं।








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