Home » भींडर » श्री मद भागवत कथा में कहा की सबसे प्रेम कर लो तभी परमात्मा की प्राप्ति होगी _ गरुदेव

श्री मद भागवत कथा में कहा की सबसे प्रेम कर लो तभी परमात्मा की प्राप्ति होगी _ गरुदेव

वल्लभनगर , (कन्हैया लाल मेनारिया बासड़ा)!श्रीमद भागवत कथा के आज छठे दिन की कथा में गुरुदेव श्री ने कहा कि सबसे प्रेम कर लो तभी परमात्मा की प्राप्ति होगी ।
   “प्रेम की गंगा बहाते चलो” भजन पर श्रोता झूम उठे, परमात्मा के लिए समय निकालना चाहिए। बड़े भाग मानुष तन पावा, इस शरीर का उपयोग परमात्मा के लिए करना चाहिए । साथ भगवान श्रीकृष्ण की रासलीला का सुंदर वर्णन किया ।
   शरद पूर्णिमा के महत्व को समझाया – “एक दिन तो भोले भंडारी बनके बृज की नारी गोकुल में आ गए हैं, भजन कार्यकर्ता झूम उठे । अहंकार तीन प्रकार के होते है तामसी अहंकार, राजसी अहंकार, सात्विक अहंकार ।
रूक्मणी विवाह का वर्णन किया: जिसमें रुक्मिणी ने कृष्ण के प्रति अपनी अटूट भक्ति और साहस के साथ उनसे विवाह करने का निर्णय लिया,
रुक्मिणी विवाह कथा भगवान श्रीकृष्ण और विदर्भ की राजकुमारी रुक्मिणी के प्रेम विवाह की कहानी है, जिसमें रुक्मिणी ने बचपन से ही कृष्ण को अपना पति मान लिया था, लेकिन उनके भाई रुक्मी ने शिशुपाल से विवाह तय कर दिया, जिसके बाद रुक्मिणी ने श्रीकृष्ण को पत्र लिखकर बुलाया और कृष्ण ने शिशुपाल की बारात के दिन उनका हरण कर, युद्ध के बाद उनसे द्वारका में विधि-विधान से विवाह किया।
कथा का सार: जिसमें कृष्ण ने उन्हें शिशुपाल जैसे अन्य राजकुमारों से बचाकर द्वारका ले जाकर उनसे विवाह किया; यह ग्रंथ प्रेम, भक्ति, और सफल वैवाहिक जीवन के मूल्यों पर जोर देता है ।
कथा में स्थानीय विधायक उदयलाल डांगी, मेनारिया समाज के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष जसराज जी मेहता, राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष ओंकारलाल जी मेनारिया, राजू नागदा कानाखेड़ा, लोकेश खेताखेड़ा, गांव के स्थानीय इंदौर से बंशीलाल व्यास सहित आसपास के गांवों से अतिथि पधारें, विधायक महोदय उदयलाल डांगी ने मंशापूर्ण महादेव के पास खुला बरामदा के लिए पांच लाख रुपए निजी देने की घोषणा की एवं राष्ट्रिय अध्यक्ष मेनारिया समाज जसराज मेहता ने प्रसादी के लिए 11000 ग्यारह हजार रुपए भेंट किए । आज की कथा पश्चात भोजन प्रसादी देवीलाल परमानंद व्यास की तरफ से संपूर्ण कथा रसपान वालों के लिए रखी गई जिसमें सभी ग्रामीणों ने हिस्सा लिया ।

Leave a Comment

Modi 3.0 के पहले आम बजट से मिडिल क्लास को मिलेगी राहत?