Home » भींडर » गुजरात के द्वारका धाम के पावन दर्शन हेतु नवानिया से 50 पैदल यात्रियों का दल हुआ रवाना

गुजरात के द्वारका धाम के पावन दर्शन हेतु नवानिया से 50 पैदल यात्रियों का दल हुआ रवाना

खरसाण श्री कल्याण गातोड़ श्याम मंदिर में हुआ भव्य स्वागत

वल्लभनगर,(कन्हैया लाल मेनारिया बासड़ा)!भगवान श्रीकृष्ण की दिव्य लीला भूमि एवं समुद्र तट पर स्थित मोक्षदायिनी द्वारिका नगरी के दर्शन हेतु नवानिया गांव से श्रद्धा व भक्ति से ओतप्रोत 50 पैदल यात्रियों का दल रविवार को मंगल ध्वनियों और डीजे साउंड के साथ शोभायात्रा रूप में हर्षोल्लास से रवाना हुआ। यह पवित्र यात्रा बाबा रामदेव जी के सेवक 95 वर्षीय भेरूलाल गाडरी के नेतृत्व में प्रारंभ हुई। उन्नत आयु में भी उनकी अटूट भक्ति और सेवा भावना ग्रामीणों के लिये प्रेरणास्रोत बन गई है। गांव के भक्तों ने नाचते-गाते, द्वारिकाधीश भगवान की जय के उद्घोषों के साथ यात्रियों को मंगलकामनाओं सहित विदा किया।

खरसाण श्याम मंदिर में गरिमामयी स्वागत

नवानिया से प्रस्थान के पश्चात यात्री दल दोपहर 12 बजे खरसाण स्थित श्री कल्याण गातोड़ श्याम मंदिर की पावन धरा पर पहुँचा। मंदिर पहुंचने पर यात्रियों ने वीरवर कल्लाजी राठौड़ के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। मंदिर के गादीपति भंवरलाल ककावत, लक्ष्मीलाल ककावत, भगवानलाल ककावत ने विधिवत तिलक-दर्शन, माला पहनाकर और फलाहार कराकर यात्रियों का अतिथि सत्कार किया। इस दौरान मंदिर प्रांगण में एक भक्ति-आध्यात्मिक वातावरण निर्मित हुआ।

600 किलोमीटर की तपोपूर्ण पदयात्रा

सेवक भेरूलाल गाडरी ने बताया कि यह दल नवानिया से कुराबड़, जयसमंद, केसरियाजी, खेरवाड़ा, हिम्मतनगर, अहमदाबाद, मोरबी, जामनगर, खम्बालिया सहित विभिन्न पड़ावों से होकर लगभग 600 किलोमीटर की पदयात्रा करते हुए एक माह बाद द्वारिकाधीश मंदिर पहुंचेगा। रविवार को यात्रा शाम तक लिम्बावास पहुंची, जहां रात्रि विश्राम हुआ। तत्पश्चात सोमवार को वली (जगत) में मंगलवार को वीरपुरा (गातोड़ जी) के पास हनुमान जी मंदिर में और बुधवार को मैयाधाम ऋषभदेव श्री कल्लाजी राठौड़ दरबार में रात्रि विश्राम होगा। पिछले 20 वर्षों से अधिक समय से यह दल प्रतिवर्ष द्वारिकाधीश धाम के लिये इसी प्रकार पदयात्रा करता है एवं क्षेत्र की सुख-शांति, समृद्धि व खुशहाली के लिये प्रार्थना करता है। गादीपति भगवानलाल मेनारिया ने बताया कि यह दल प्रतिदिन लगभग 40 किलोमीटर की यात्रा तय करेगा। उन्होंने इसे संपूर्ण क्षेत्र के लिये शुभ-संकेत बताते हुए कहा कि यात्रियों की भक्ति और साधना से गांव-क्षेत्र में आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार होता है।

95 वर्ष की उम्र में भी अविचल भक्ति

इस यात्रा में विशेष बात है कि सेवक भेरूलाल गाडरी 95 वर्ष की आयु में भी दृढ़ संकल्प और भक्ति-शक्ति के बल पर पैदल ही द्वारिकाधीश एवं बाबा रामदेवरा की यात्रा करते हैं। ग्रामीणों ने उनकी भक्ति को दिव्य प्रेरणा बताया। इस अवसर पर गादीपति भंवरलाल ककावत, लक्ष्मीलाल ककावत, भगवानलाल ककावत, अम्बामाता सेवक हीरालाल झालावत, रुपलाल ककावत, रमेश गाडरी, प्रकाश गाडरी, तुलसीराम झालावत, रामेश्वर जणवा, विफ़ा तहसील मीडिया प्रभारी सुरेशचंद्र मेनारिया, राहुल, शत्रुघ्न, देवीलाल, तुलसी, भरत ककावत, खुबीलाल रामावत सहित अनेक भक्तगण उपस्थित रहे और यात्रियों को शुभ आशीष प्रदान किए।

Leave a Comment

Modi 3.0 के पहले आम बजट से मिडिल क्लास को मिलेगी राहत?