



राजसमंद!केलवा में हिन्दू संगठनों द्वारा श्री रुप नारायण मंदिर छत्री चोक परिसर में भगवान श्रीराम के ध्वज की पूजा अर्चना के बाद शस्त्र पूजन का आयोजन किया।
सुरेश सोनी ने बताया
शस्त्रों की पूजा केवल हथियारों की पूजा नहीं है, बल्कि यह हमारी आंतरिक शक्ति, साहस और विजय की इच्छा का प्रतीक भी है. यह हमें याद दिलाती है कि मेहनत,अनुशासन और सही दिशा में प्रयास ही सफलता की कुंजी हैं. पूजा के समय ध्यान रहे कि अपने शस्त्रों और उपकरणों की साफ़-सफाई और उचित सम्मान के साथ पूजा करना अनिवार्य है.
मुकेश पालीवाल ने बताया कि
इस दशहरे पर शस्त्र पूजा केवल परंपरा नहीं, बल्कि जीवन में साहस और विजय की भावना को मजबूत करने का प्रतीक है.
कमलेश पालीवाल बताया कि
“संघे शक्ति कलौ युगे”
राष्ट्र सेवा को समर्पित, विश्व के सबसे बड़े स्वयंसेवी संगठन, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के 100 वर्ष पूरे होने पर समस्त स्वयंसेवकों में व समस्त हिन्दू संगठनों में खुशी की लहर है।
सुरेश सोनी के तत्वावधान में कार्यक्रम हुआ। यहां पर स्वयंसेवक सुरेश सोनी, मुकेश पालीवाल, अशोक सोनी,जुगल माली, मुकेश माली, कमलेश पालीवाल, नरेश पालीवाल देवियां की मेरडा,भरत पालीवाल,दक्ष पालीवाल, कमलेश चपलोत,एवं स्वंयसेवक आदि मौजूद रहे।








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