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एएसआईपी तकनीक को कानूनी अधिकार देने भारत सरकार ने भारतीय पेटेंट जर्नल में किया प्रकाशन

मेडिकल डिवाइसेज में क्रांतिकारी बदलाव लाने वाली एएसआईपी तकनीक को कानूनी अधिकार देने भारत सरकार ने भारतीय पेटेंट जर्नल में किया प्रकाशन

एएसआईपी: तेज और सटीक इलाज की दिशा में एक बड़ा कदम, न्यूरल सिग्नल प्रोसेसिंग और मेडिकल मशीनों की परफॉर्मेंस को मिलेगा बूस्ट।

उदयपुर, (कन्हैयालाल मेनारिया बासड़ा)!हेल्थ टेक्नोलॉजी में तेजी से हो रहे बदलावों के बीच तेज, सटीक और रीयल-टाइम हेल्थकेयर तकनीक की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए मोहनलाल सुखाड़िया यूनिवर्सिटी उदयपुर के प्रोफेसर मनोज कुमार जैन और कंप्यूटर साइंस के रिसर्च स्कॉलर नरेश कुमार जणवा ने एक एप्लीकेशन स्पेसिफिक इंस्ट्रक्शन सेट प्रोसेसर आधारित सिस्टम विकसित किया है। यह तकनीक न्यूरल सिग्नल डिकोडिंग और मेडिकल डिवाइसेज के संचालन को अभूतपूर्व गति और दक्षता प्रदान करती है। इस प्रोसेसर की मदद से ब्रेन-सिग्नल जैसे जटिल डेटा को रीयल-टाइम में डिकोड किया जा सकेगा, इससे न्यूरो-सर्जरी, ब्रेन-मशीन इंटरफेस, ईसीजी मॉनिटरिंग, न्यूरोप्रोस्थेटिक्स और आर्टिफिशियल लिम्ब जैसी तकनीकों में नई रफ्तार आएगी। तकनीकी विशेषज्ञों ने इस आविष्कार पर यूटिलिटी पेटेंट का आवेदन किया है। प्रोफेसर एमके जैन और शोधार्थी नरेश कुमार जणवा के बायोमेडिकल इंजीनियरिंग से संबंधित आविष्कार एप्लीकेशन स्पेसिफिक इंस्ट्रक्शन सेट प्रोसेसर फॉर हाई स्पीड न्यूरल सिग्नल डिकोडिंग एंड मेडिकल डिवाइस एक्सेलेरेशन का प्रकाशन भारतीय पेटेंट कार्यालय ने शुक्रवार को भारतीय पेटेंट जर्नल में किया है।

क्या होंगे फायदे और प्रमुख लाभ…..

लो-पावर, हाई-स्पीड प्रोसेसिंग:
यह प्रोसेसर पारंपरिक जीपीयू की तुलना में बहुत कम पावर में कार्य करता है, इससे पोर्टेबल और वायरलेस मेडिकल डिवाइसेज की बैटरी लाइफ बढ़ती है।

कस्टम हार्डवेयर डिजाइन:
प्रत्येक मेडिकल एप्लिकेशन के अनुसार प्रोसेसर को कस्टमाइज किया जा सकता है, इससे अधिकतम एफिशिएंसी और मिनिमल डिले हासिल होता है।

रीयल-टाइम प्रोसेसिंग से मेडिकल मशीनों की परफॉर्मेंस में इजाफा:
ब्रेन सिग्नल्स को नैनाे सेकंड लेवल पर डिकोड करने की क्षमता, इससे न्यूरो डिवाइसेज का रिस्पॉन्स टाइम बेहतर होगा। न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर के इलाज में तेजी और सटीकता आती है। वेंटिलेटर, ईसीजी, ब्रेन-पेसिंग सिस्टम, न्यूरो-इम्प्लांट जैसे इमर्जेंसी मेडिकल उपकरण ज्यादा तेजी और सटीकता से काम करेंगे।

कस्टम हार्डवेयर डिजाइन से कम पावर, ज्यादा स्पीड:
एएसआईपी कम पावर में हाई स्पीड प्रोसेसिंग देता है, इससे पोर्टेबल मेडिकल डिवाइसेज की बैटरी लाइफ भी बढ़ेगी। खास मेडिकल एप्लिकेशन के लिए अनुकूलित प्रोसेसर डिजाइन, जो पारंपरिक सीपीयू या जीपीयू की तुलना में कई गुना तेज है।

दोनों आविष्कारकों का उद्देश्य था कि न्यूरल सिग्नल प्रोसेसिंग जैसी जटिल प्रक्रिया को रीयल-टाइम में संभव बनाया जाए, ताकि गंभीर मरीजों के इलाज में देरी न हो। आने वाले समय में एएसआईपी आधारित हेल्थकेयर डिवाइसेज मेडिकल टेक्नोलॉजी से मरीजों को फास्ट डायग्नोसिस, कम इनवेसिव सर्जरी और ज्यादा भरोसेमंद मेडिकल सपोर्ट मिल सकेगा। यह तकनीक कई जानें बचाने का जरिया बनेंगी।

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