
जिला कलेक्टर उदयपुर का वल्लभनगर दौरा वल्लभनगर बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं ने मेहता का किया स्वागत वल्लभनगर में रिसेटेलमेंट के लिए दिया ज्ञापन
वल्लभनगर,( कन्हैयालाल मेनारिया बासड़ा)!शुक्रवार को जिला कलेक्टर उदयपुर नामित मेहता वल्लभनगर दौरे पर रहे इस दौरान उन्होंने उपखंड कार्यालय वल्लभनगर तहसील कार्यालय वल्लभनगर पुलिस थाना वल्लभनगर का तथा उपकोषाधिकारी कार्यालय वल्लभनगर का निरीक्षण किया इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए वल्लभनगर बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रमेश चंद्र सगवत के नेतृत्व में बार के पदाधिकारी …… ने मेवाड़ की पगड़ी एवं ऊपर ने से स्वागत किया इसके बाद सगवत ने मेहता को दिए ज्ञापन में बताया कि उपखंड क्षेत्र वल्लभनगर भिंडर में रिसेटेलमेंट करवाए जाने की सख्त आवश्यकता है सगवत ने बताया कि भू प्रबन्ध की कार्यवाही वर्ष 1997 से आरम्भ हुई जिसका सम्पूर्ण रिकार्ड वर्ष 2021 में दिया गया जिसका नवीन सेटलमेन्ट का रेकर्ड लागू करने का नोटिफिकेशन साथ ही हुआ। सेटलमेन्ट के प्राप्त रिकार्ड से राजस्व रिकार्ड तैयार किया गया। सेटलमेन्ट से प्राप्त रिकार्ड में इतनी अशुद्धियां है कि हर दूसरा काश्तकार शुद्धि हेतु न्यायालय के चक्कर काट रहा है। वर्तमान में बहुत सी अशुद्धियों को तहसील स्तर से शुद्ध करवाया गया किन्तु अधिकांश अशुद्धियां न्यायालय उपखण्ड स्तर की है एवं न्यायालय में विचाराधीन है। गत रिकार्ड की तुलना में सेटलमेन्ट से प्राप्त हाल रिकार्ड इतना अशुद्ध है कि वर्षों तक कृषक न्यायालय के चक्कर लगाते रहे तब भी शत प्रतिशत शुद्धियां होनी संभव नहीं है। गत सेटलमेन्ट में जो खाते स्थाई थे एवं लठ्ठाट्रेस में काली स्याही से पेमुद थे उनको भी सेटलमेन्ट विभाग ने अपनी मनमर्जी से गलत दर्ज कर नक्शे बनाये गये। अधिकांश काश्तकारों के खाते व नक्शे में जानबूझ कर अशुद्धियां की गयी जब कि कृषक पीढी दर पीढी मोके पर सही जगह पर काबीज है। लगभग 10 प्रतिशत खातों को जानबूझ कर सरकारी खातों में दर्ज किया है जब कि वर्षों से कृषक वहां काबीज है ओर गत जमाबन्दी में भी खातेदार की हेसियत से दर्ज है। मोके पर काबीज काश्तकार को नक्शे में दूसरे स्थान पर स्थापित कर दिया एवं 20 साल पहले जिस व्यक्ति ने भूमि हस्तान्तरित कर दी ओर आज वापस उसी व्यक्ति के नाम दर्ज कर दी जो आज दूसरों को बेच रहा है जिससे विवाद बढ़ रहा है। जानबूझ कर मिलान क्षेत्रफल में पुराने नम्बरों के वास्तविक सही नये नम्बर अंकित नही किये है। साबीक रकबा एवं नवीन रकबा में काफी अन्तर है। सेटलमेन्ट विभाग के अधिकारियों द्वारा जानबुझ कर की गयी गलती के कारण अगर काश्तकार 100 साल तक भी न्यायालय के चक्कर काटे तो भी अशुद्धियां शत प्रतिशत शुन्य नही हो सकती है ऐसे में वर्ष 2021 में लागू किये गये सेटलमेन्ट को निरस्त कर रि-सेटलमेन्ट किया जाने से अशुद्धियां दूर होगी एवं काश्तकार को राहत मिलेगी ।
मेहता अधिवक्ताओं को आश्वासन दिया कि इस बारे में जल्द ही वे सरकार को रिसेटेलमेंट के लिए पत्र लिखेंगे एवं आवश्यक कार्यवाही करेंगे
ज्ञापन देने वालों में वरिष्ठ अधिवक्ता हुक्मीचंद सांगावत, पन्नालाल मारु, बार अध्यक्ष रमेशचंद्र सांगावत, पूर्व बार अध्यक्ष मुकेश कुमार मेनारिया, उपाध्यक्ष शान्तिलाल डांगी, महासचिव बाबूलाल डांगी, मुकेश डांगी, वित्त सचिव योगेंद्र माली, मुकेश गोपावत, दुर्गेश मेनारिया, नारायण गाडरी, श्रवण कुमार पोखरना, भूपेंद्र कुमार मेनारिया, अनूप पुजारी, शरीफ मोहम्मद, गजेंद्रकुमार ओस्तवाल, भगवान मेनारिया, दिनेश डांगी, सुरेश चंद्र मेनारिया, पुष्पेन्द्र सिंह राणावत, पुस्तकालय सचिव ललिता मेनारिया, माया नागदा, सचिव भेरुलाल रावत, विकास ओस्तवाल, इकबाल मोहम्मद, कैलाश मेघवाल, लहरीलाल डांगी, पवन मेनारिया, चंद्रप्रकाश मेघवाल, मकबूल अहमद, कन्हैयालाल डांगी, हुक्मीचंद डांगी, नीरज डांगी सहित अन्य अधिवक्तागण मौजूद रहे।







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