


मावली (नरेन्द्र त्रिपाठी)!मावली नगर में चल रही विष्णु महापुराण कथा में व्यास पीठ पर विराजे महाराज नरेंद्राचार्य ने आज बताया कि मानव जीवन मे विचारों के द्वारा मंथन होता है जैसे समुद्र मंथन से प्रथम बार हलाहल जहर निकाला था और अमृत बाद में निकला वैसे ही मानव भी निजी जीवन का मंथन करे। मंथन का साधन उसके निजी विचार ही है। समुद्र मंथन की तरह कलुषता रूपी जहर हमारे जीवन सही प्रकट होगा और बाद में विवेक रूपी अमृत प्राप्त होगा। इसी से मानवीय उत्थान और सर्व विधि कल्याण होगा। विष्णु पुराण से हमे सर्व जगत के कल्याण शिक्षा प्राप्त होती है।
इसीतरह पतिव्रता अनसुइया प्रकरण की विसद व्याख्या की गई।
कथा में आज मदन लाल श्रीमाली ,लाल दास वैष्णव , सत्यनारायण जेन ,जगदीश वैष्णव , ओम प्रकाश अग्रवाल,
मातृ शक्ति में पुष्पा पालीवाल ,विधा त्रिपाठी ,सुनीता वैष्णव केसर कुंवर , कृष्णा राठौड़ उपस्थित थे।







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