


उदयपुर, 30 मार्च। विश्व के खूबसूरत शहर उदयपुर ने एक बार फिर अपनी सांस्कृतिक समृद्धि और कलात्मक प्रतिभा का परचम लहराया है। शहर के प्रतिभाशाली नाट्य निर्देशक सुनील टांक ने विश्व के सबसे लंबे चलने वाले नाट्य महोत्सव में उदयपुर का प्रतिनिधित्व किया। अलवर के रंग संस्कार थियेटर ग्रुप द्वारा अलवर रंगमं 2024-25 से यह महोत्सव आयोजित हुआ।
अलवर शहर में 18 दिसंबर से 27 मार्च तक चलने वाले इस फेस्टिवल में विभिन्न देशों के कलाकार और थिएटर समूहों ने अपनी कला का प्रदर्शन किया। थिएटर कला के इस प्रतिष्ठित रंगमंच समारोह में 100 दिन लगातार 100 नाटकों के मंचन हुए। अलवर रंगम न केवल भारत बल्कि पूरे विश्व का सबसे लंबा चलने वाला रंगमंच महोत्सव है। दुनियां में अभी तक कहीं भी, कभी भी इतने दिनों का थिएटर फेस्टिवल नहीं हुआ। अलवर शहर के रंगकर्मी देशराज मीणा ने यह ऐतिहासिक महोत्सव कर विश्व इतिहास रचा है। अलवर रंगम को “वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स” में भी दर्ज किया गया। इस उपलब्धि ने न केवल राजस्थान बल्कि पूरे भारत को गौरवान्वित किया जो कि भारतीय रंगमंच के लिए अपने आप में एक असाधारण उपलब्धि बन गया है। इससे पूर्व देशराज 75 दिन का थिएटर फेस्टिवल कर रच चुके है। इस बार अपना रिकॉर्ड खुद ने ही तोड़ा है।
उदयपुर के नाट्य निर्देशक सुनील टांक ने उदयपुर की समृद्ध रंगमंचीय परम्परा की विरासत का परिचय रखा। साथ ही संभाग की कला एवं संस्कृति तथा लोकनाट्य व समसामयिक मुद्दों, मूल्यों और परंपराओं से परिचित कराया। इससे उदयपुर थिएटर की एक नई पहचान बनेगी और युवाओं को प्रेरण मिलेगा। उल्लेखनीय है कि अलवर रंगम 2024-2025 का समापन अन्तिम 100 वें दिन विश्व रंगमंच दिवस पर 27 मार्च को “जीना इसी का नाम है” नाटक के साथ हुआ। इस नाटक में फिल्म अभिनेता राजेन्द्र गुप्ता व हिमानी शिवपुरी ने अभिनय किया। नाटक का निर्देशन सुरेश भारद्वाज ने किया गौरतलब है कि सुनील टांक लंबे समय से रंगमंच कला के क्षेत्र में सक्रिय हैं। ‘टीम नाट्य संस्था’ के सचिव व नाट्य निर्देशक हैं। हाल ही में `उदयपुर नाट्य रंग महोत्सव’ जैसे थिएटर फेस्टिवल को उदयपुर में सफलता पूर्वक सम्पादित कर चुके है।
संलग्न- फोटो








Users Today : 0