

खैरवाड़ा । कस्बे में सफाई कर्मी हड़ताल पर होने से सफाई व्यवस्था चरमरा गई है। कस्बे में जगह जगह कचरे के ढेर लगे हुए है। दिल्ली मुंबई हाइवे पर स्थित बड़ा कस्बा खेरवाड़ा कुछ दिनों पहले नगरपालिका घोषित होने पर खुशियां मना रहा था मगर अब पुनः पंचायत बनने पर कुछ मायूसी सी आम जनता में छाई हुई है , एक और जहां पंचायत एवं नगरपालिका के बीच अटकी होने से आम जनता के काम नही हो पा रहे थे वही नगरपालिका निरस्त होते ही सफाई कर्मियों की हड़ताल ने कस्बे को कचरे का ढेर बना दिया है , चारो तरफ बदबू और कचरे के ढेर से लगे पड़े है। स्थानीय सफाई कर्मी अपने मानदेय बढ़ाने की मांग पर हड़ताल कर रहे है वही स्थानीय प्रशासन मूक दर्शक बन तमाशा देख रहा है, इन सब में पीस रहा है आम आदमी जो इन सब टंटो से दूर साफ कस्बा देखना चाहता है।
इनका कहना है
सफाई कर्मियों की वेतन वृद्धि मांग जायज है, मामूली वेतन से परिवार की जरुरते पूरी नही हो सकती स्थानीय प्रशासन को इनकी मांगो पर मंथन कर बीच का रास्ता निकालना चाहिए जिससे कस्बे में सफाई व्यवस्था सही हो।
आफताब मकरानी
सामाजिक कार्यकर्ता
खेरवाड़ा कस्बे में सभी सरकारी बड़े विभाग मौजूद हे सरकार को राजनीतिक बदले की भावना के बजाय खेरवाड़ा, ऋषभदेव को नगरपालिका यथावत बनाए रखना चाहिए ताकि सफाई कर्मियों को वेतन के साथ छोटे शहरों का विकास हो सके।
नरेन्द्र पंचोली
संयोजक,खेरवाड़ा विकास मंच








Users Today : 9