
धरणेन्द्र जैन
खेरवाड़ा । राजस्थान के दक्षिणाचंल में स्थित गोदावरी धाम के घुघरेश्वर महादेव मंदिर का अष्टम शिलापुजन लसुडिया धाम (गुजरात)के संत विक्रम महाराज एंव सेमारी मठ के संत ईश्वरनाथ महाराज के शुभ आशीर्वाद से संपन्न हुआ। साथ ही क्षेत्रीय संत थाना महाराज (मोथली) ,मगन महाराज (पोगरा) एंव मंदिर पुजारी हंसगिरी महाराज का भी आशीर्वाद प्राप्त हुआ।
गोदावरी मंदिर विकास समिति के मीडिया प्रभारी हसमुख पानेरी ने बताया कि इस शिवालय का जीर्णोद्धार समस्त शिलाओं के पुजन के साथ संपन्न हो रहा है।यजमान अपनी श्रद्धानुसार यथाशक्ति समर्पण राशि भेंटकर शिलापुजन में बैठतें है। आज का धार्मिक पावन कार्यक्रम 11 कुंडीय यज्ञ के साथ आचार्य प्रभाशंकर त्रिवेदी (जोवली) गणेशलाल व्यास (सुंदरा) ,सह-आर्चाय चेतन मेहता एंव सभी भु-देवो के द्वारा संपन्न कराया गया।
इस शुभ अवसर पर लसुडिया धाम के संत श्री ने भारतीय संस्कृति को बचाये रखनें के लिए विशेष आह्वान किया।विशेषकर महिलाओ को संबोधित करते हुए आह्वान किया कि बिंदी ,सिंदुर, मंगलसूत्र व हवन-पूजन हमारी सनातन संस्कृति का अभिन्न अंग है। इसे पाश्चात्य संस्कृति से बचाये रखनें का हम सभी का दायित्व है। सेमारी मठ के संत ने इस पावन शिवालय के जीर्णोद्धार के लिए सभी से सहयोग की अपेक्षा की। एंव चल रहे कार्य की गति ओर सुंदरता के लिए समिति को साधुवाद दिया।
प्रारंभ में यजमानों का पगडी,रुद्राक्ष माला एंव उपरना द्वारा स्वागत एंव अभिनंदन किया गया। अध्यक्ष भरत कलाल ने स्वागत उद्बोधन में संतो का ,यजमानों एंव उपस्थित धर्मप्रेमियों श्रध्दालुओं का शब्द सुमनों से अभिनंदन किया। कार्यक्रम का संचालन करते हुए सचिव शंकर पंचाल ने मंदिर जीर्णोद्धार की समस्त व्यवस्थाओं की जानकारी दी। कोषाध्यक्ष बदामीलाल सुधार व सह-कोषाध्यक्ष नरेन्द्र व्यास ने अभी तक का लेखा-जोखा प्रस्तुत किया।
आज के इस पावन कार्यक्रम में आगामी शिलापुजन में बैठनें वाले 7 नए यजमानों ने अपना संकल्प पत्र भरकर सहमति दी जिनका संतो द्वारा उपरना ओढाकर अभिनंदन किया गया।
पूर्णाहुति के पश्चात भण्डारे की व्यवस्था की गई जिसमें 1100 शिवभक्तो ने प्रसाद ग्रहण किया। कार्यक्रम को सफल आयोजन में मार्गदर्शक बंशी भाई, मगन पंचाल, अशोक त्रिवेदी,हरीश पानेरी,मनोज कलाल, नंदकिशोर त्रिवेदी,अर्जुन पंचाल, धवल कलाल, प्रहलाद भाटिया,कैलाश दर्जी, हीरालाल दर्जी, केवलचंद कलाल,पन्नालाल कलाल,डा. लोकेश कलाल, नरेश अग्रवाल आदि का विशेष सहयोग प्राप्त हुआ।
कार्यक्रम के अंत में समिति के सरक्षंक प्रकाश कलाल द्वारा आभार प्रकट किया गया।








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