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धारता में विराट हिन्दू सम्मेलन में उमडा भक्तो का सैलाब

धूम धाम से निकली जल कलश यात्रा
जय श्रीराम से गुंजा धारता गांव
उदयपुर। मावली तहसील के धारता गांव में जिला भीण्डर के फतेहनगर खंड के खेमपुर मंडल द्वारा धारता गांव में विराट हिन्दू सम्मेलन आयोजित किया गया। संत सानिध्य गुप्तेश्वर महादेव के अधिष्ठाता महाराज तन्मय वन जी महाराज, आई श्री कंकु केसर मॉ भानसोल गढ़वाडा, भेरु महाराज नवानिया आश्रम का रहा। मुख्य वक्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के   चितोड़ प्रान्त के सह सेवा प्रमुख नरेन्द्र थे।
सयोजक भगवान जाट और सह सयोजक किशन गुर्जर ने बताया की खेमपुर मंडल के अंतर्गत खेमपुर, गोवर्धनपूरा, धारता, भागल, वाड़ी, नाड़ीयाखेड़ी, मुरडिया, शोभागपुरा, राजपुरा, दलाखेड़ा, भाभरिया खेड़ा, आमली, दूधालिया, बिकाखेड़ा, डांगीखेड़ा, भगवानपूरा, रामपुरा (आकोदडा ) गांवो द्वारा धारता गांव के भगवा सर्कल पर खेल मैदान पर
विराट हिन्दू सम्मेलन का भव्य आयोजन किया गया जिसमे हजारों लोगो ने भाग लिया।
सबसे पहले धूम धाम से जल कलश यात्रा निकाली गई। जगह जगह यात्रा का पुष्प वर्षा कर भव्य स्वागत किया गया। सेकड़ो की सख्या में महिलाओ ने पारंपरिक वेशभूषा पहनकर सिर पर कलश धारण कर भव्य कलश यात्रा में भाग लिया। पूरा धारता गांव भगवा ध्वज, स्वागत द्वार, बैनर से सुज्जित रहा। पुष्प वर्षा के साथ भक्ति और राष्ट्र भक्ति के गीतों से गूंजते मार्ग,  गगनभेदी, जयघोष और शंखनाद ने पुरे पुरे धारता गांव के वातावरण को सनातन ऊर्जा से ओत प्रोत कर दिया।
झंकियों ने मन मोहा – इस अवसर पर यात्रा में राम लक्ष्मण सीता, हनुमान, भगतसिंह, चंद्रशेखर आजाद, झाँसी की रानी सहित अनेक महापुरुषों की झंकियों ने सभी का मन मोहा और यह  सन्देश दिया की हिंदुत्व केवल आस्था नहीं बल्कि राष्ट्र निर्माण की चेतना है।
जल कलश यात्रा धारता के भगवा सर्कल होते हुवे खेल मैदान पर पहुंची जहाँ विराट धर्म सभा का आयोजन किया गया। मंच पर तन्मय वन जी महाराज, आई श्री कंकु केसर मॉ, भेरुमहाराज जी,  नरेन्द्र जी, निरमा लोहार, भगवान जाट विराजमान थे। धर्म सभा में सर्वप्रथम सामूहिक हनुमान चालीसा का पाठ किया गया।
मुख्य वक्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के   चितोड़ प्रान्त के सह सेवा प्रमुख नरेन्द्र जी ने सभी को सम्बोधित करते हुवे कहा की भारत में रहने वाला हर एक व्यक्ति हिन्दू है। भारत का दर्शन सर्वे भवन्तुः सुखीन है। भारत की परम्परा प्राचीन है। प्राचीनकाल से ही भारत समय से हमेशा आगे रहा है। भारतीय नारियों के बारे  में गलत गलत बाते फैलाई गई की भारतीय नारी कमजोर है लेकिन भारतीय नारी हमेशा से ही सशक्त रही है। हजारों वर्षो पहले से नारी सशक्त थी है और हमेशा रहेगी। सिर्फ भारतीय संस्कृति में ही नारी को देवी के रूप में पूजा जाता रहा है।हम सोचते है की हमारे बच्चे मे राम जैसे संस्कार आए लेकिन हम संस्कार नहीं दे पा रहे है। उन्हें रामायण नहीं पढ़ाते। उन्हें संस्कार नहीं दे पा रहे है।
उन्होंने कहा कि समाज को आगे आना होगा। बचपन से ही बच्चों को संस्कार देने होंगे। आज के विद्यालय, महाविद्यालय बच्चों को भारतीय शिक्षा नहीं दे रहे है बल्कि उन्हें अंग्रेजों के समय की शिक्षा दे रहे है। इसके लिए समाज को आगे आना होगा। बच्चों को भारतीय शिक्षा मिले जिससे वो अच्छे इंसान बन समाज के लिए अच्छा काम कर सके।
सभी के लिए भोजन प्रसाद रखा गया।

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