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चैत्र नवरात्रि की चतुर्थी पर मंदिरों में हवन-पूजन, भक्ति से सराबोर हुआ क्षेत्र

नवरात्रि चतुर्थी पर गायरिया बावजी मंदिर रुण्डेडा में विशेष आयोजन, सैकड़ों श्रद्धालुओं ने किए दर्शन

वल्लभनगर,( कन्हैया लाल मेनारिया बासड़ा)। उपखण्ड क्षेत्र में चैत्र नवरात्रि के पावन अवसर पर माता मंदिरों एवं विभिन्न देवालयों में श्रद्धा और आस्था का माहौल देखने को मिल रहा है। नवरात्रि की चतुर्थी के दिन रविवार को क्षेत्रभर के मंदिरों में विशेष हवन, पूजन और धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।
           ग्राम पंचायत रुण्डेडा स्थित क्षेत्र के प्रमुख आस्था केंद्र गायरिया बावजी मंदिर में भी नवरात्रि चतुर्थी के अवसर पर विशेष धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। कन्हैयालाल हरजोत, रामलाल जाट, पटवारी, छोगालाल जाट सहित अन्य ग्रामीणों ने बताया कि मंदिर में रात्रि जागरण एवं भजन संध्या का आयोजन किया गया, जिसमें भक्तजन भक्ति गीतों पर झूम उठे। प्रतिदिन यहां विशेष आरती, पूजा-अर्चना एवं बावजी की आकर्षक आंगी सजाई जा रही है, जिससे मंदिर परिसर भक्तिमय वातावरण में सराबोर है।
     इसी प्रकार क्षेत्र के अन्य प्रमुख मंदिरों में भी नवरात्रि को लेकर विशेष आयोजन किए जा रहे हैं। मेनार में ब्रह्म सागर की पाल पर स्थित अंबामाताजी मंदिर, कालिका माताजी मंदिर, वल्लभनगर स्थित शीतला माता मंदिर, खरसान अंबामाताजी, बाठरडा खुर्द कालिका माताजी, वाना चामुंडा माताजी सहित देवालयों में हवन-पूजन और धार्मिक अनुष्ठान जारी हैं। शाम के समय श्रद्धालु मंदिरों में पहुंचकर माता को श्रीफल, प्रसाद अर्पित कर पूजा-अर्चना कर रहे हैं। मंदिरों में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ रही है।

मंदिर निर्माण कार्य भी अंतिम चरण में

कालूलाल अकावत, नानालाल जणवा, मोतीलाल भट्ट, सुरेश कामदार ने बताया कि गायरिया बावजी मंदिर का भव्य निर्माण कार्य भी तेजी से अंतिम चरण में पहुंच चुका है। प्रारंभिक योजना के अनुसार नवरात्रि तक निर्माण पूर्ण होने की संभावना थी, लेकिन मार्बल पत्थरों से हो रहे कार्य के कारण इसमें थोड़ा समय लग रहा है। कन्हैयालाल हरजोत, गोपाल मेनारिया, रमेश, प्रकाश जणवा ने बताया कि यह प्राचीन मंदिर क्षेत्र के दर्जनभर से अधिक गांवों की आस्था का केंद्र है। वर्षों से श्रद्धालुओं की मनोकामनाओं से जुड़ा यह शिखर मंदिर अब भव्य स्वरूप ले रहा है। श्रद्धालुओं और भामाशाहों के सहयोग से करीब 55 लाख रुपये की लागत से मार्बल पत्थरों से मंदिर का निर्माण कराया जा रहा है। निर्माण कार्य पूर्ण होने के पश्चात मंदिर के उद्घाटन समारोह में सभी भामाशाहों का स्वागत कार्यक्रम भी रखा जाएगा। नवरात्रि के दौरान प्रतिदिन सैकड़ों श्रद्धालु मंदिर में दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। चतुर्थी के दिन भी बड़ी संख्या में भक्तों ने गायरिया बावजी के दर्शन कर पूजा-अर्चना की और क्षेत्र में सुख-समृद्धि की कामना की।

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