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यूजीसी विनियम 2026 पर पुनर्विचार की मांग को लेकर बार एसोसिएशन वल्लभनगर ने पीएम के नाम सौंपा ज्ञापन

वल्लभनगर,(कन्हैया लाल मेनारिया बासड़ा)!विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (उच्च शिक्षा संस्थानों में समानता संवर्द्धन) विनियम 2026 के संबंध में पुनर्विचार की मांग को लेकर बार एसोसिएशन वल्लभनगर के अधिवक्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम उपखण्ड अधिकारी कार्यालय में तहसीलदार रुपेश कुमार को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में अधिवक्ताओं ने अवगत कराया कि हाल ही में प्रस्तावित /लाए गए यूजीसी बिल को लेकर देशभर में शिक्षाविदों, विद्यार्थियों, अधिवक्ताओं एवं शैक्षणिक संस्थानों के बीच गहरी चिंता और असंतोष व्याप्त है। अधिवक्ताओं का कहना है कि यह विनियम उच्च शिक्षा की स्वायत्तता, लोकतांत्रिक मूल्यों एवं संवैधानिक भावना के विपरीत प्रतीत होता है।
       ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि यूजीसी विनियम 2026 के माध्यम से विश्वविद्यालयों एवं उच्च शिक्षण संस्थानों पर अत्यधिक केंद्रीकरण तथा सरकारी नियंत्रण स्थापित किया जा रहा है, जिससे शैक्षणिक स्वतंत्रता प्रभावित होगी। साथ ही यह विनियम राज्य सरकारों के अधिकारों का हनन करता है तथा देश के संघीय ढांचे को कमजोर करने वाला है। इससे शिक्षकों, विद्यार्थियों एवं विश्वविद्यालय प्रशासन की भूमिका सीमित होने की आशंका भी जताई गई है, जो दीर्घकाल में देश की उच्च शिक्षा व्यवस्था के लिए घातक सिद्ध हो सकती है।
      अधिवक्ताओं का मानना है कि यह विनियम संविधान के अनुच्छेद 19 एवं 21 में निहित अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और शिक्षा के अधिकार की मूल भावना के विपरीत है। यदि इसे वर्तमान स्वरूप में लागू किया गया, तो शिक्षा के व्यावसायीकरण को बढ़ावा मिलेगा तथा आम एवं मध्यम वर्ग के विद्यार्थियों के लिए उच्च शिक्षा और अधिक कठिन हो जाएगी। इसलिए अधिवक्ताओं ने ज्ञापन के माध्यम से प्रधानमंत्री से यूजीसी विनियम 2026 को तत्काल वापस लेने तथा शिक्षाविदों, विद्यार्थियों, अधिवक्ताओं एवं राज्य सरकारों सहित सभी हितधारकों से व्यापक परामर्श के बाद ही कोई नया विधेयक लाने की मांग की, ताकि उच्च शिक्षा की स्वायत्तता, गुणवत्ता एवं लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा सुनिश्चित की जा सके। इस अवसर पर वरिष्ठ अधिवक्ता हुक्मीचंद सांगावत, विहिप जिलामंत्री रमेशचंद्र सांगावत, बार अध्यक्ष बाबूलाल डांगी, पूर्व बार अध्यक्ष मुकेश कुमार मेनारिया, उपाध्यक्ष सुरेशचंद्र मेनारिया, महासचिव भूपेंद्र मेनारिया, अनूप पुजारी, मुकेशगोपावत, दुर्गेश मेनारिया, पुस्तकालय सचिव ललिता गोपावत, लेहरीलाल डांगी, वित्त सचिव कैलाश, नीरज डांगी, पूर्व बार अध्यक्ष भीण्डर लक्ष्मणगिरी गोस्वामी, पुष्पेन्द्र सिंह राणावत, अभिषेक सांगावत, शांतिलाल डांगी, कृष्णा मेनारिया, धनराज डांगी, नारायण गाडरी, सचिव चंद्रप्रकाश मेघवाल सहित अन्य अधिवक्तागण उपस्थित रहे।

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