

साढ़े चार घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद पैंथर पकड़ा गया, ग्रामीणों ने ली राहत की सांस
वल्लभनगर, (कन्हैयालाल मेनारिया बासड़ा)। उपखंड क्षेत्र के मेनार में पिछले दो सप्ताह से फैले पैंथर के आतंक से आखिरकार ग्रामीणों को राहत मिल गई है। बुधवार शाम उड़नदस्ता वन्यजीव उदयपुर की रेस्क्यू टीम ने साढ़े चार घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद पैंथर को ट्रैंकुलाइज कर पकड़ लिया। पिछले कई दिनों से गांव से समिति-बरोड़िया मार्ग के आसपास पैंथर लगातार दिखाई दे रहा था और रात के समय मवेशियों पर हमला कर उन्हें अपना शिकार बना रहा था। इससे ग्रामीणों में भय का माहौल व्याप्त था और लोग देर शाम अपने घरों से बाहर निकलने से भी डरने लगे थे।
इसी को लेकर क्षेत्रीय वन अधिकारी (रेंज भीण्डर) कैलाश मेनारिया अपनी टीम के साथ मंगलवार शाम को मेनार पहुंचे और पैंथर के मूवमेंट क्षेत्र का निरीक्षण करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। गत रात्रि पैंथर ने समिति मार्ग पर भगवतीलाल लुणावत के बाड़े में बंधी एक गाय को शिकार बना लिया। सुबह जब भगवतीलाल के पुत्र यशवंत बाड़े में पहुंचे तो घटना का पता चला। उन्होंने तुरंत ग्रामीणों और वन विभाग को इसकी सूचना दी। सूचना पर वन विभाग की टीम वनपाल स. सुरेश मेनारिया, नाका सेमलिया, वनपाल नाका भटेवर सुरेश गर्ग, वनरक्षक भावेश, राजेंद्र सिंह, मोहन सिंह और भगा रावत बुधवार सुबह 11 बजे मेनार पहुंची और सर्च ऑपरेशन शुरू किया। इस दौरान गांव के रूपावत परिवार और श्रीलाल रुपज्योत के कुओं के पास एक गहरे खड्डे में झाड़ियों के बीच पैंथर दिखाई दिया। इसकी जानकारी क्षेत्रीय वन अधिकारी कैलाश मेनारिया को दी गई, जिन्होंने तुरंत उड़नदस्ता वन्यजीव उदयपुर रेस्क्यू टीम को सूचित किया। उपवन संरक्षक (उत्तर) उदयपुर के निर्देशानुसार रेस्क्यू टीम के शूटर अजीत सिंह राणावत, डीपी शर्मा और जीतेन्द्र सिंह देवड़ा दोपहर करीब 1 बजे मेनार पहुंचे। इस बीच पैंथर ग्रामीणों की आवाज से और गहरे खड्डे में चला गया एवं कुछ देर बाद एकदम बाहर निकला तो ग्रामीण देवीलाल रूपावत पर हमला कर देवीलाल को जख़्मी कर दिया। इधर, टीम ने सावधानीपूर्वक अभियान चलाते हुए शाम करीब 5.20 बजे पैंथर को ट्रैंकुलाइज करने में सफलता पाई। इसके बाद वन विभाग और रेस्क्यू टीम ने पैंथर को बायोलॉजिकल पार्क, उदयपुर भेज दिया, जहां वह विभाग की निगरानी में रहेगा। ग्रामीणों ने पैंथर के पकड़े जाने पर राहत की सांस ली और वन विभाग की टीम का आभार व्यक्त किया। सर्च ऑपरेशन में ग्रामीण राजकुमार दौलावत, रमेश रूपावत, ओमप्रकाश दौलावत, हुक्मी चंद सुथार, दिनेश कलावत, ओमप्रकाश कलावत, अनिल रूपावत, शांतिलाल रूपावत सहित अन्य का पूरा सहयोग रहा।








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