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गंगरार उपखंड के मुरलिया स्थित शहीद शक्तावत के स्मारक पर गुरुवार को श्रद्धांजलि

चित्तोड़गढ़ ,27 मार्च !गंगरार उपखंड के मुरलिया स्थित शहीद शक्तावत के स्मारक पर गुरुवार रात्रि में देर रात तक 24 वी पुण्य तिथि पर भजन कीर्तन, 27 मार्च प्रातः हवन व राष्ट्रीय ध्वजारोहण के साथ ही श्रद्धांजलि दी गई। शहीद शक्तावत के ज्येष्ठ भ्राता व  पूर्व प्रधान शक्ति सिंह शक्तावत ने बताया कि शुक्रवार को प्रातः क्षत्रिय युवक संघ के अजय पाल सिंह भाटी, दिलीप सिंह रूद, छोटू सिंह और सुदर्शन सिंह शक्तावत द्वारा हवन अनुष्ठान करने के पश्चात  प्रातः 8:30 बजे खुमान सिंह चौहान निंम्बाहेडा द्वारा  बतोर  मुख्य अतिथि राष्ट्रीय ध्वज फहरा  तिरंगे को सलामी दे अपने सम्बोधन में कहा कि हमें शहीदों के त्याग व बलिदान से प्रेरणा लेनी चाहिये । इस अवसर पर  प्राथमिक विद्यालय के बालकों ने राष्ट्रगान प्रस्तुत किया।इधर दिन भर चले शहीद स्मारक पर श्रद्धांजलि के कार्यक्रम में  तहसीलदार पुष्पेंद्र सिंह राजावत, पूर्व खेल अधिकारी अनिरुद्ध सिंह भाटी, दिलिप सिंह रूद, भाजपा के जिला महामंत्री हर्षवर्धन सिंह रूद, पूर्व महामंत्री देवी सिंह राणावत,भंवर सिंह राणावत,  संग्राम सिंह, दलपत सिंह, लोकेंद्र सिंह शक्तावत, घनश्याम सिंह शेखावत, गंगरार ग्राम पंचायत प्रशासक प्रतिनिधि व दादू सेवक समिति अध्यक्ष बालकृष्ण शर्मा,  मनोहर सिंह चौहान,  राजस्थान शिक्षक संघ एकीकृत के प्रदेश संरक्षक मधुसूदन शर्मा पंचारिया, कान सिंह चौहान, प्रहलाद सिंह राणावत, दिव्यराज सिंह, विश्व प्रताप सिंह, देवेन्द्र सिंह शक्तावत व भारत सोनी सहित प्राथमिक विद्यालय के बालक बालिकाओं  शिक्षिकाओं सहित श्रद्धालुओं ने शहीद शक्तावत को पुष्प अर्पित कर  श्रद्धान्जली दे नमन किया। पूर्व प्रधान शक्ति सिंह शक्तावत के अनुसार  गुरुवार रात्रि को शहीद स्मारक पर भजन रचयिता एवं भजन गायक पंडित जगदीश प्रसाद शर्मा ने  स्वरचित भजन “जगदीश भजन रत्नावली” में मुद्रित “नटवर कुंवर इस देश की, एक शान हो गया ,इस देश के लिए  सदा बलिदान हो गया”, साथ ही “मेवाड़ धरा की रक्षा को, बलिदान दे दियो  पूत जठे।। मायड़ पन्ना की धाय कटे,  जननी जामण सी  माय कटे। व गढ़ चित्तौड़ की शान कटे”।। जैसे वीर रस से ओतप्रोत गीत व भजनों की प्रस्तुतियां से शक्तावत को भावभीनी श्रद्धांजलि देते हुए श्रद्धालुओ को भावविभोर किया।  पंडित जगदीश प्रसाद शर्मा ने “म्हारा  महाराणा हो महान, मेवाड़ को राख्यो ऊंचो मान,  माटी पूजिया  जावे है”तथा  “हंसा निकल गया काया, से खाली पड़ी रही तस्वीर”जैसै मेवाड़ की शौर्य गाथा व विरक्ति के भावों से ओतप्रोत भजनों की प्रस्तुतियां दी। देर रात तक चले भजन जागरण में मदन लाल टेलर, वार्ड पंच भेरूलाल बैरवा, शंभू लाल बैरवा, चतुर्भुज भील व भंवरलाल भील मुरलिया ग्राम वासियों ने भी निर्गुणी में बालूराम गंधर्व व मदनलाल बारेठ की ढोलक की संगत में आध्यात्मिक भजनों की प्रस्तुति दे शहीद शक्तावत को श्रद्धांजलि दी ।

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