

मावली,(नरेन्द्र त्रिपाठी)/घासा !भानसोल में साइबर ठगी के शिकार हुए पीड़ित को न्यायालय ने बड़ी राहत दी है। अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मोहितास सिंह पंवार ने एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए पीड़ित की फ्रीज की गई राशि को पुनः सुपुर्दगी के बाद लौटाने के आदेश जारी किए। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि मेहनत की कमाई किसी व्यक्ति को लंबे समय तक वंचित नहीं रखा जा सकता। से
भानसोल निवासी रमेशचंद्र कुमावत के साथ अज्ञात ठगों ने मोबाइल हैंग कर धोखाधड़ी की थी।
नवनिर्मित लाइब्रेरी की दीवार गिरी, अफरातफरी साइबर ठगों ने उनके केनरा बैंक खाते से 1 लाख 59 हजार 998 रूपये निकाल लिए थे। पीड़ित ने नेशनल साइबर क्राइम पोर्टल और घासा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस जांच में पता चला कि राशि अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर की गई थी, जिन्हें नोडल अधिकारियों ने तुरंत फ्रीज कर दिया। पीड़ित की ओर से अधिवक्ता मिथिलेश पगारिया ने तर्क दिया कि यह राशि स्पष्ट रूप से प्रार्थी की है और विचारण में समय लगने की संभावना है, इसलिए इसे वापस दिलाया जाए। न्यायालय ने कहा कि प्रचलित मुद्रा को लंबे समय तक फ्रीज रखना न्यायोचित नहीं है। आदेश दिया गया कि प्रार्थी द्वारा 1 लाख 40 हजार रूपये का सुपुर्दगी नामा और जमानत नामा पेश करने पर संबंधित बैंक खातों को डिफ्रीज कर राशि मूल खाते में स्थानांतरित की जाए। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि आदेश अंतिम निर्णय के अधीन रहेगा और भविष्य में विवाद होने पर प्रार्थी व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार होगा।








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