

भींडर (कन्हैयालाल मेनारिया बासड़ा),रूण्डेड़ा ! गांव की गलियों से निकला एक साधारण युवक जब परदेश में अपने संघर्षों से जूझते हुए नई पहचान बनाता है और अचानक ही उसकी किस्मत फिल्मों तक पहुंच जाती है, तो यह कहानी किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं लगती। उदयपुर जिले के रूण्डेड़ा कस्बे के हिम्मत मेनारिया मेघावत की यही सच्ची दास्तां आज पूरे मेवाड़ के लिए प्रेरणा बनी हुई है।
मुंबई से हांगकांग तक का सफर
गांव में बारहवीं तक शिक्षा पूरी करने के बाद हिम्मत नौकरी की तलाश में मुंबई पहुंचे, लेकिन कोविड-19 काल में वहां नौकरी न मिलने से निराश हो गए। तब उनके बड़े भाई ने उन्हें हांगकांग में अपने परिचितों के माध्यम से नौकरी दिलवाई। वहां उन्होंने एक रसोइए के तौर पर काम शुरू किया और अपनी मेहनत और लगन से जीवनयापन करने लगे।
सोशल मीडिया बना अवसर की सीढ़ी
काम के साथ ही हिम्मत मेनारिया सोशल मीडिया पर भी सक्रिय रहे। वह हांगकांग की झलकियां और अपने अनुभव वीडियो के रूप में अपलोड करते थे। इन्हीं वीडियोज पर मलेशिया के एक फिल्म-सम्बंधित व्यक्ति की नज़र पड़ी और बातचीत शुरू हुई। हिम्मत ने हंसी-मजाक में कहा कि उन्हें भी फिल्मों में काम करने का अवसर मिले तो अच्छा होगा। इस पर उन्हें भरोसा दिलाया गया और बाद में जब वह व्यक्ति हांगकांग आया तो हिम्मत से मुलाकात कर उन्हें फिल्म में रोल ऑफर किया।
फिल्म का नाम और रोल
5 सितम्बर 2025 से हांगकांग में शुरू हुई इंग्लिश फिल्म “द स्लीपर: ए मॉरोविंड स्टोरी” में हिम्मत मेनारिया को सपोर्टिंग रोल दिया गया है। इस फिल्म के अभिनेता और निर्देशक दोनों ही ग्राहम सैक्सन हैं। फिल्म की शूटिंग अगले माह चीन में भी की जाएगी।
गांव में खुशी का माहौल
हिम्मत मेनारिया की इस उपलब्धि से उनके परिवार और गांववासियों में हर्ष का वातावरण है। लोग इसे सांवरिया सेठ और संत प्रेमानंद जी महाराज का आशीर्वाद मान रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है—
“हमें गर्व है कि हमारे गांव का बेटा अब फिल्म में नजर आएगा।”
हिम्मत मेनारिया का बयान
अपनी खुशी साझा करते हुए हिम्मत मेनारिया ने कहा—
“यह मेरे जीवन का सपना था। मैंने कभी नहीं सोचा था कि सोशल मीडिया से मुझे फिल्म में काम करने का अवसर मिलेगा। यह सब सांवरिया सेठ के आशीर्वाद और प्रेमानंद जी महाराज के मार्गदर्शन से संभव हुआ है।”
भविष्य की योजनाएँ
हिम्मत ने बताया कि उन्होंने अमेरिका और ब्रिटेन (US & UK) के लिए वीज़ा आवेदन किया है। अप्रूवल मिलने के बाद वह वहां भी फिल्मों में अवसर तलाशेंगे। उनका कहना है कि वह फिल्मों में करियर बनाने की दिशा में लगातार काम करना चाहते हैं।
युवाओं के लिए प्रेरणा
हिम्मत मेनारिया का यह सफर साबित करता है कि हालात चाहे कितने भी कठिन क्यों न हों, हौसले और मेहनत से सपनों को साकार किया जा सकता है। उनकी यह उपलब्धि न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे मेवाड़ के लिए गौरव का विषय है।








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