Home » उदयपुर जिला » अदालतों में सन्नाटा, सड़कों पर बजे ढोल, कुण्डी और मंजीरे

अदालतों में सन्नाटा, सड़कों पर बजे ढोल, कुण्डी और मंजीरे

खैरवाड़ा। कोर्ट के बाहर धरना प्रदर्शन करते कर्मचारी। फोटो धरणेन्द्र जैन

खेरवाड़ा के चारों न्यायालयों में केवल आगे खिसकी सुनवाई की तारीखें
न्यायिक कर्मचारियों ने जारी रखा आन्दोलन
सभी पीठासीन अधिकारी भी चले गए अवकाश पर

पुनर्गठन की मांग को लेकर आठवें दिन भी जारी रहा प्रदर्शन

खैरवाड़ा (धरणेन्द्र जैन)। समय सुबह करीब 10.30 बजे, उपखण्ड का बंजारिया गांव, जहां अपर जिला एवं सेशन न्यायालय, ग्राम न्यायालय, सिविल न्यायाधीश एवं अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्टेट सहित सभी न्यायालयों में रोजाना दर्जनों प्रकरणों की सुनवाई होती है, सैकड़ों पक्षकार आते हैं, लेकिन शुक्रवार को न्यायालय के मुख्य प्रवेश द्वारा के बाहर जोरदार नारेबाजी के साथ ढोल-नगाड़े, कुण्डी और मंजीरे बज रहे थे…. न्यायिक कर्मचारी सामूहिक रूप से एक आवाज में ‘राज्य सरकार को जगाने’ का प्रयास कर रहे थे। नियत पेशी पर सुनवाई के लिए पहुंचे पक्षकार भी यह नजारा देखकर स्तब्ध और हैरान थे, सभी चारों न्यायालयों में सन्नाटा पसरा था, सभी पीठासीन अधिकारी भी अवकाश पर थे और सुनवाई के लिए नियत सभी पत्रावलियों में एक पंक्ति में कॉमन तारीख लिखी पर्ची न्यायालयों के बाहर चस्पा कर दी गई थी।
कुछ ऐसा ही नजारा था खेरवाड़ा न्यायालय परिसर का। सभी चारों पीठासीन अधिकारियों के अवकाश पर चले जाने और सभी न्यायिक कर्मचारियों के पिछले आठ दिनों से सामूहिक अवकाश पर रहकर अपनी मांगों के समर्थन में लगातार आठवें दिन भी प्रदर्शन और आन्दोलन जारी रखने से न्यायालयों में कोई काम नहीं हुआ।
न्यायालय के प्रवेश द्वारा पर न्यायिक कर्मचारी मुंसरिम रमेशचन्द्र मीणा, जेएम कोर्ट के रीडर सागर इंदौरिया, सहायक नाजिर दिनेश जगरिया, रीडर राजेन्द्रकुमार नायक, हेमेन्द्र आचार्य, और रीडर नीलेश रावल के नेतृत्व में एकत्र हुए सभी कर्मचारी ढोल-नगाड़े, कुण्डी और मंजीरे बजाते हुए अधीनस्थ न्यायालयों के कर्मचारियों के केडर पुनर्गठन की मांग को लेकर राज्य सरकार के खिलाफ प्रदर्शन व नारेबाजी कर रहे थे। कर्मचारियों ने न्यायालय परिसर में न्यायिक कार्यों से पूरी तरह दूरी बनाकर अपनी मांगों को नहीं मानने तक राज्य सरकार के खिलाफ धरना-प्रदर्शन व उग्र आन्दोलन जारी रखने की चेतावनी दी। इस दौरान न्यायिक कर्मचारी नारायणलाल पटेल, कृष्णपालसिंह शेखावत, सीमा मीना, नवरतन बैरवा, सतीश परमार, अनिल चौधरी, योगेशकुमार बैरवा, ज्योति चौहान, महेश चौधरी, प्रवीण अहीर आदि भी उपस्थित रहे।
सभी पीठासीन अधिकारी अवकाश पर
इस बीच गुरूवार को हरियाली अमावस्या का स्थानीय अवकाश होने और चौथे शनिवार व रविवार के अवकाश के बीच शुक्रवार को मात्र एक कार्य दिवस होने से खेरवाड़ा स्थित सभी चारों न्यायालयों के पीठासीन अधिकारी भी अवकाश पर चले गए थे, जिससे पेशी में नियत किसी भी पत्रावली में कोई सुनवाई नहीं हो सकी और पक्षकारों को एक कॉमन तारीख देकर रवाना कर दिया गया।
पक्षकारों ने की हौंसला अफजाई
ढोल-नगाड़े और मंजीरों की धुन पर कर्मचारियों को अपनी मांगों के समर्थन में जोरों से नारेबाजी करते देखकर काफी संख्या में पक्षकार भी धरना स्थल के आसपास एकत्र हो गए और तालियां बजाकर कर्मचारियों की हौंसला अफजाई करते नजर आए। इस बीच बार एसोसिएशन खेरवाड़ा के अध्यक्ष राजेन्द्रसिंह झाला ने भी कर्मचारियों की मांगों को जायज बताते हुए धरना-प्रदर्शन और सत्याग्रह को उचित बताया तथा राज्य सरकार से कर्मचारियों की मांगों पर तत्काल कार्यवाही कर पक्षकारों और कर्मचारियों को राहत देने की अपील की।

Leave a Comment

Modi 3.0 के पहले आम बजट से मिडिल क्लास को मिलेगी राहत?